Lalu Yadav Family Security: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव तथा उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सुरक्षा समिति की 4 जून 2026 को हुई उच्च-स्तरीय बैठक के बाद जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, लालू-राबड़ी दंपत्ति को अब तक मिल रही ‘Z+’ सुरक्षा श्रेणी में कटौती की गई है। कभी मुख्यमंत्री के रूप में बड़ी संख्या में हाउस गार्ड और एस्कॉर्ट वाहन जैसी सुविधाओं का उपभोग करने वाले इस दंपत्ति के सुरक्षा प्रोटोकॉल को अब उनकी वर्तमान स्थिति के अनुरूप सीमित कर दिया गया है।
तेज प्रताप यादव की Y श्रेणी सुरक्षा समाप्त
बताते चले कि, लालू परिवार के लिए यह फेरबदल काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा को पूरी तरह से हटा दिया गया है। राज्य प्रशासन के नए निर्णय के तहत, अब तेज प्रताप यादव को केवल उनके पूर्व मंत्री होने के नाते एक बॉडीगार्ड (अंगरक्षक) मुहैया कराया जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
तेजस्वी यादव की Y+ सुरक्षा बरकरार
वहीं, सुरक्षा कटौती के इस दौर में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ‘Y+’ कैटेगरी की सुरक्षा यथावत जारी रहेगी। प्रशासन ने उनकी सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करते हुए उनके लिए एक विशेष महिला अंगरक्षक (लेडी बॉडीगार्ड) की तैनाती करने का फैसला लिया गया है, जो उनकी सुरक्षा के दायरे को बढ़ाएगी।
सांसद प्रोटोकॉल के तहत मिली सुरक्षा
लालू परिवार की बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है। उन्हें अब तीन सुरक्षाकर्मियों का ‘Security Cover’ प्रदान किया जाएगा। यह सुरक्षा व्यवस्था सांसदों के लिए निर्धारित विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तय की गई है। इस बदलाव से स्पष्ट है कि अब राज्य सरकार ने सुरक्षा आवंटन के लिए पूरी तरह से संवैधानिक और आधिकारिक मानकों का पालन करना शुरू कर दिया है।
सुरक्षा का नया मानक
आखिर यह बदलाव क्यों हुआ? प्रशासन के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को प्रदान की जाने वाली सुरक्षा का निर्धारण उसके वर्तमान संवैधानिक पद, प्रभाव और खुफिया इनपुट (Intelligence Inputs) के आधार पर किया जाता है। चूंकि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी लंबे समय से किसी सक्रिय संवैधानिक या प्रशासनिक पद पर नहीं हैं, इसलिए उनके सुरक्षा घेरे को तर्कसंगत बनाया गया है। यह कदम स्पष्ट करता है कि सरकारी संसाधनों का आवंटन अब पूरी तरह से ‘थ्रेट परसेप्शन’ और मौजूदा आधिकारिक स्थिति की समीक्षा के बाद ही किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रोटोकॉल के अनुरूप है।










