LPG: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पोत परिवहन मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता के जरिए देश की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा पर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।
रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर कार्यरत
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि देश की सभी रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, इसलिए उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार अब प्राकृतिक गैस (Natural Gas) और पीएनजी (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इस दिशा में पहल करने वाले राज्यों को 10% अतिरिक्त एलपीजी कोटा देने का भरोसा भी दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 13,700 से अधिक नए कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 7,500 से ज्यादा लोग एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हुए हैं।
कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए देश भर में 4,500 स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश में 1,100 ठिकाने शामिल हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भी 1,800 जगहों पर औचक निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में 11,300 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की गई है, जिसका 50% हिस्सा अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर दिया गया है। 93% बुकिंग अब ऑनलाइन माध्यम से हो रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
समुद्री मार्ग और नाविकों की सुरक्षा
पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में फंसे सभी 22 भारतीय जहाज और उनमें सवार नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। डीजी शिपिंग स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। पिछले 24 घंटों में एक विशेष अभियान के माध्यम से 25 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया है। राहत की बात यह है कि देश के किसी भी बंदरगाह पर कार्गो की आवाजाही में कोई बाधा नहीं है। न्यू मंगलोर पोर्ट ने कच्चे तेल और एलपीजी कार्गो के लिए शुल्क माफी (Waiver) की घोषणा की है, जो 31 मार्च तक प्रभावी रहेगी।
वैश्विक नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की वार्ता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं के साथ टेलीफोन पर चर्चा की है। इन वार्ताओं में भारत ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और कूटनीति के माध्यम से शांति बहाली पर जोर दिया। पीएम ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से सुरक्षित नौवहन के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन दोहराया। ओमान के सुल्तान के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए ओमान सरकार के प्रयासों की सराहना भी की।









