Malviya Nagar fire incident: 21 मौतों से देश स्तब्ध, PM मोदी ने की सहायता राशि की घोषणा

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में हुई भीषण अग्निकांड की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

Malviya Nagar fire incident

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 3, 2026

Malviya Nagar fire incident: दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की असमय मृत्यु हो चुकी है, जबकि लगभग 37 लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित बाहर निकाला गया है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।

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प्रधानमंत्री का शोक और मुआवजे का ऐलान

इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जारी बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ (PMNRF) से आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इस घोषणा के तहत, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों के उपचार के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया है कि स्थानीय प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है।

लोकसभा स्पीकर और रक्षा मंत्री की संवेदनाएं

देश के शीर्ष नेताओं ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि इस अग्निकांड में हुई जनहानि हृदय विदारक है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर दुख जताते हुए इसे अत्यंत व्यथित करने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा कि अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

प्रशासनिक जाँच और बचाव कार्य की स्थिति

घटनास्थल पर स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन आग लगने के कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, रेस्टोरेंट के अंदर शॉर्ट-सर्किट या गैस रिसाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उस रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा नियमों (Fire Safety Norms) का पालन किया गया था या नहीं। 37 घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

यह अग्निकांड एक बार फिर दिल्ली के व्यावसायिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी और लापरवाही की ओर गंभीर सवाल खड़े करता है। उम्मीद है कि इस मामले की गहन जाँच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे त्रासदपूर्ण हादसों को रोका जा सके।

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