Mamata Banerjee SIR: ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को अमानवीय बताया, सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ युद्धस्तर पर मोर्चा खोल दिया है। सागर द्वीप में एक रैली के दौरान उन्होंने इस प्रक्रिया को 'अमानवीय' करार देते हुए दावा किया कि इसके कारण लोगों में डर पैदा हो रहा है और कई मौतें भी हुई हैं। क्या ममता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाकर भाजपा की रणनीति को विफल कर पाएंगी?

Mamata Banerjee SIR

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 5, 2026

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Mamata Banerjee SIR: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को भाजपा पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी किसी धर्म में विश्वास नहीं करती, बल्कि केवल झूठ फैलाने में विश्वास करती है। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में आयोजित रैली में उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान गंभीर रूप से बीमार और बुजुर्ग लोगों को भी मतदाता सूची की वैधता साबित करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

Mamata Banerjee SIR: गंभीर रूप से बीमार लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार

ममता ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और कई लोगों की मौत भी हो गई। उन्होंने कहा कि डर और उत्पीड़न के कारण अस्पतालों में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंगलवार को इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी ताकि SIR प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न हुई समस्याओं का समाधान हो सके।

Mamata Banerjee SIR: सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी

ममता ने कहा कि यदि अनुमति मिले, तो वह इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी। उन्होंने बताया कि एक आम नागरिक के रूप में वह इस मामले में पैरवी करेंगी ताकि प्रशासनिक मनमानी और भय फैलाने वाली प्रक्रियाओं को रोका जा सके। उनका कहना था कि लोगों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ और उनके जीवन को खतरे में डालना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।

मतदाता सूची से नाम हटाने पर कड़ा आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई लोगों के नाम बिना किसी वैध कारण के मतदाता सूची से हटा दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ और चुनावों से पहले लोगों को डराने की कोशिश करार दिया। ममता ने दावा किया कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई, बल्कि लोगों को भयभीत करने का एक तरीका बन गई है।

बुजुर्ग और बीमार मतदाताओं की स्थिति

ममता ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार और बुजुर्ग मतदाताओं को मतदाता सूची में वैधता साबित करने के लिए कतारों में लंबा समय बिताना पड़ रहा है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि यदि कोई अपने बूढ़े माता-पिता को लाइन में खड़ा करता है, तो भाजपा नेताओं को कैसा लगेगा। उनका कहना था कि यह प्रक्रिया लोगों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से कष्टदायक है।

चुनावों से पहले उत्पीड़न का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोगों को डराने और उत्पीड़ित करने का माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण कई लोगों की मौत हुई और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हुए। ममता ने स्पष्ट किया कि वे इस प्रक्रिया को रोकने और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी कानूनी कदम उठाएंगी।ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को चुनावों से पहले जनता को डराने और भयभीत करने वाला बताया। उन्होंने भाजपा पर मतदाता सूची से नाम मनमाने ढंग से हटाने और बीमार, बुजुर्ग लोगों को कतारों में खड़ा करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कोर्ट और संभवतः सुप्रीम कोर्ट तक जाने का एलान किया है ताकि इस प्रक्रिया में सुधार किया जा सके और लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें।

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