Manipur Violence: मणिपुर में बम हमले में 2 बच्चों की मौत से गुस्सा, प्रदर्शनकारियों ने फूंके ऑयल टैंकर और पुलिस चौकी

Manipur Crisis: मणिपुर के बिष्णुपुर में एक खौफनाक बम हमले ने सो रहे दो मासूम बच्चों की जान ले ली, जिसके बाद पूरे राज्य में उबाल आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की और तेल टैंकरों को आग के हवाले कर दिया। जानिए किन 5 जिलों में लगी इंटरनेट पाबंदी?

Manipur Violence:

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 7, 2026

Manipur Violence: मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात कुछ अज्ञात उग्रवादियों ने एक रिहायशी मकान को निशाना बनाते हुए वहां शक्तिशाली बम फेंक दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस वक्त हुआ जब पूरा परिवार गहरी नींद में था। बम सीधे बेडरूम में जाकर फटा, जहां एक मां अपने दो मासूम बच्चों के साथ सो रही थी। इस भीषण विस्फोट में 5 साल के एक लड़के और महज छह महीने की मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में बच्चों की मां गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

सड़कों पर उतरा जनसैलाब: आगजनी और पुलिस चौकी में तोड़फोड़

इस कायरतापूर्ण हमले की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए एक पेट्रोल पंप के पास खड़े दो तेल टैंकरों और एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया। आक्रोशित भीड़ यहीं नहीं रुकी; मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाकर रास्ता जाम कर दिया गया और एक पुलिस चौकी में जमकर तोड़फोड़ की गई। इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे

मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने अस्पताल जाकर पीड़ित मां से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इस घटना को ‘इंसानियत पर सीधा हमला’ करार देते हुए कहा कि यह मणिपुर में बड़ी मुश्किल से स्थापित हुई शांति को पटरी से उतारने की एक गहरी साजिश है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस बर्बर अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ कानून के तहत इतनी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो एक मिसाल बनेगी।

अशांति का केंद्र रहा है मोइरांग: चुराचांदपुर की पहाड़ियों के पास स्थित इलाका

भौगोलिक दृष्टि से बिष्णुपुर का मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यह चुराचांदपुर की पहाड़ियों के बिल्कुल करीब स्थित है। गौरतलब है कि साल 2023 और 2024 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हुए जातीय संघर्ष के दौरान यह इलाका हिंसा का मुख्य केंद्र रहा था। यहाँ पहले भी दोनों गुटों के बीच लगातार गोलीबारी और झड़पें होती रही हैं। ताजी घटना ने एक बार फिर पुराने जख्मों को हरा कर दिया है और इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है।

आतंकवाद के समान घिनौना कृत्य: विधायक ने की कड़ी निंदा

घटना के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में सुरक्षाबलों को ट्रोंगलाओबी के पास से एक और जिंदा विस्फोटक डिवाइस बरामद हुआ है, जिसे समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया। स्थानीय एनपीपी (NPP) विधायक शांति सिंह ने इस हमले को आतंकवाद की श्रेणी में रखते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि निर्दोष बच्चों की हत्या करना एक अमानवीय कार्य है और सभ्य समाज में ऐसी हरकतों के लिए कोई स्थान नहीं है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि दोषियों को पकड़ने की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

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