सेंधवा में जनशिक्षकों का सामूहिक इस्तीफा, शिक्षा विभाग कि कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

बड़वानी बड़वानी जिले के विकासखंड सेंधवा में शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत जनशिक्षकों ने सामूहिक रूप से अपने पद से त्यागपत्र सौंप दिया है। इस घटनाक्रम से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जनशिक्षकों ने जिला पंचायत CEO को संबोधित पत्र में अधिकारियों पर मानसिक दबाव, अपमानजनक व्यवहार और अवकाश अवधि में भी लगातार कार्य कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। 27 जून 2026 को दिए गए पत्र में जनशिक्षकों ने उल्लेख किया कि शासन द्वारा 1 मई से 30 मई तक अवकाश घोषित होने के बावजूद उनसे विभागीय कार्य कराए गए। उन्होंने दावा किया कि लगभग 80 प्रतिशत

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Published On :

मई 27, 2026

बड़वानी

बड़वानी जिले के विकासखंड सेंधवा में शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत जनशिक्षकों ने सामूहिक रूप से अपने पद से त्यागपत्र सौंप दिया है। इस घटनाक्रम से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जनशिक्षकों ने जिला पंचायत CEO को संबोधित पत्र में अधिकारियों पर मानसिक दबाव, अपमानजनक व्यवहार और अवकाश अवधि में भी लगातार कार्य कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

27 जून 2026 को दिए गए पत्र में जनशिक्षकों ने उल्लेख किया कि शासन द्वारा 1 मई से 30 मई तक अवकाश घोषित होने के बावजूद उनसे विभागीय कार्य कराए गए। उन्होंने दावा किया कि लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने के बाद भी अधिकारियों द्वारा लगातार लापरवाही के आरोप लगाकर दबाव बनाया गया।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा शिक्षकों और जनशिक्षकों के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया जाता है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। जनशिक्षकों ने कहा कि भारत सरकार के महत्वपूर्ण कार्य जैसे S.I.R. और जनगणना जैसे कार्य भी शिक्षा विभाग द्वारा सफलतापूर्वक कराए जाते रहे हैं, इसके बावजूद सम्मान नहीं मिल रहा।

मानसिक प्रताड़ना और लगातार दबाव से परेशान होकर सेंधवा विकासखंड के 17 जनशिक्षकों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। पत्र में जिला प्रशासन से त्यागपत्र स्वीकार कर उन्हें कार्यमुक्त करने की मांग की गई है।

इस सामूहिक इस्तीफे ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली और अधिकारियों के रवैये पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।