UP News: मथुरा के गोवर्धन इलाके से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है,जिसने धार्मिक विश्वास और आस्था की दुनिया को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने ऑनलाइन प्रवचन देने वाले अभिषेक मिश्रा को गिरफ्तार किया है। अभिषेक का बैकग्राउंड बेहद प्रभावशाली है; वह IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है, लेकिन उसने करियर के बजाय अध्यात्म का रास्ता चुना। उस पर आरोप है कि उसने धार्मिक मार्गदर्शन के बहाने कई शिक्षित युवतियों को अपने जाल में फंसाया और उनका लगातार शारीरिक शोषण किया।
‘गंधर्व विवाह’ का झांसा देकर बनाया शिकार: FIR में खुलासा
बताते चले कि, इस पूरे काले कारनामे का पर्दाफाश तब हुआ जब एक पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि अभिषेक मिश्रा ने उसे आध्यात्मिक और धार्मिक विश्वास के जाल में जकड़ लिया और उसे यह विश्वास दिलाया कि उनका ‘गंधर्व विवाह’ हो चुका है। इसी आड़ में उसने पीड़िता का शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद जांच में एक के बाद एक कई परतें खुलती गईं।
पुलिस ने जब्त किया आपत्तिजनक डेटा
मथुरा के एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान ही पुलिस को ऐसे सुराग मिले हैं जो हैरान करने वाले हैं। आरोपी के मोबाइल फोन से भारी मात्रा में आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो, चैट रिकॉर्ड्स और अन्य डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से इस डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता चल सके कि ये वीडियो किस परिस्थिति और किन युवतियों के खिलाफ रिकॉर्ड किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 24 से अधिक युवतियां इस तथाकथित संत के सीधे प्रभाव में थीं।
पढ़ी-लिखी महिलाओं को बनाया निशाना
मामले का सबसे हैरान कर देने वाला पहलू यह है कि अभिषेक मिश्रा के झांसे में आने वाली महिलाएं कोई आम नहीं, बल्कि बेहद शिक्षित हैं। इनमें B.Tech, M.Tech और MBA जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त कामकाजी महिलाएं शामिल हैं। माना जा रहा है कि अभिषेक का IIT रुड़की का बैकग्राउंड और उसकी बेहद प्रभावशाली वाकपटुता (Communication Skills) ही उसकी सबसे बड़ी ताकत थी, जिसके कारण लोग उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते थे। वह सोशल मीडिया पर गीता और धर्म पर प्रवचन देकर खुद को एक विद्वान संत के रूप में पेश करता था।
पुरानी शिकायतों की भी जांच शुरू
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अभिषेक मिश्रा के खिलाफ करीब छह महीने पहले भी एक परिवार ने शिकायत की थी। अब पुलिस ताजा मामले के साथ-साथ पुरानी शिकायतों को भी गंभीरता से खंगाल रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन युवतियों को भी सुरक्षित बरामद किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यह गिरफ्तारी न केवल मथुरा बल्कि पूरे देश के उन लोगों के लिए एक सबक है जो सोशल मीडिया पर बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी ‘धार्मिक गुरु’ पर अंधविश्वास कर लेते हैं।










