Mysterious Explosion : संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू इंग्लैंड क्षेत्र में शनिवार दोपहर उस समय अचानक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब मैसाचुसेट्स और रोड आइलैंड के कई शांतिपूर्ण इलाकों में तेज दोहरे धमाकों की भयानक आवाज गूंज उठी। शनिवार दोपहर को न्यू इंग्लैंड के हजारों निवासियों द्वारा इस रहस्यमयी विस्फोट की सूचना दिए जाने के बाद स्थानीय पुलिस एजेंसियां, आपदा प्रबंधन की टीमें और भूवैज्ञानिक वैज्ञानिक यह पता लगाने में जुट गए कि आखिर इस भयानक आवाज और इमारतों को हिला देने वाले दोहरे धमाके का मुख्य कारण क्या था। शुरुआत में लोग इसे कोई बड़ा आतंकी हमला या विमान दुर्घटना मान रहे थे।
रहस्य से उठा पर्दा: तीन फीट चौड़ा उल्कापिंड बना इस महाविस्फोट की वजह
इस पूरे घटनाक्रम पर गहराई से शोध करने के बाद ‘अमेरिकन मेटियोर सोसाइटी’ ने शनिवार देर शाम एक बड़ा खुलासा करते हुए जनता को राहत दी। सोसाइटी ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में बताया कि यह रहस्यमयी धमाका वास्तव में अंतरिक्ष से आया लगभग 3 फीट (एक गज) चौड़ा एक विशालकाय उल्कापिंड था। यह आकाशीय चट्टान बोस्टन के उत्तरी हिस्से में मैसाचुसेट्स के साथ लगती न्यू हैम्पशायर की सीमा के पास पृथ्वी के घने वायुमंडल में अत्यधिक गति से प्रवेश कर रही थी। वायुमंडल के घर्षण के कारण इसमें भयंकर विस्फोट हुआ, जिसने सोनिक बूम (ध्वनि विस्फोट) का रूप ले लिया।
डेलावेयर से मॉन्ट्रियल तक महसूस हुए झटके: दिन के उजाले में दिखा टूटता तारा
अमेरिकन मेटियोर सोसाइटी के फायरबॉल प्रोग्राम मॉनिटर रॉबर्ट लंसफोर्ड ने इस खगोलीय घटना की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके ग्रुप को डेलावेयर से लेकर कनाडा के मॉन्ट्रियल तक दर्जनों प्रत्यक्षदर्शियों की रिपोर्टें मिली हैं। इन रिपोर्टों में लोगों ने या तो दोहरे धमाके की डरावनी आवाज सुनने का दावा किया, जमीन और खिड़कियों को हिलते हुए महसूस किया या फिर आसमान में एक तैरता हुआ विशालकाय आग का गोला देखा। लंसफोर्ड के अनुसार, यह अद्भुत नजारा दिन के समय आकाश में किसी बड़े टूटते तारे जैसा दिखाई दे रहा था, जो अपनी विलासिता और आकार में सामान्य उल्कापिंडों से कहीं अधिक बड़ा था।
धरती से टकराने की संभावना बेहद कम: वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र में गिरा मलबा
अंतरिक्ष वैज्ञानिक रॉबर्ट लंसफोर्ड ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस उल्कापिंड के सीधे तौर पर जमीन से टकराने की संभावना बहुत ही कम है। उन्होंने आगे समझाया, ‘हमें यह निश्चित रूप से जानने के लिए कि क्या इसका कोई छोटा हिस्सा धरती की सतह तक पहुंच पाया, उसकी सटीक दिशा, कोण और गति समेत अन्य वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में अधिक डेटा की आवश्यकता होगी।’ उन्होंने अनुमान जताया कि अगर यह आकाशीय पिंड पृथ्वी के वायुमंडल में पूरी तरह जलकर खाक नहीं हुआ होगा, तो इसका बचा हुआ अवशेष निश्चित रूप से अटलांटिक समुद्र में गिरा होगा, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो: बिना धुएं और आग के गूंजी रहस्यमयी आवाज
इस खगोलीय घटना के तुरंत बाद अमेरिका के प्रभावित राज्यों के नागरिकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने डरावने अनुभव साझा करना शुरू कर दिए। कई लोगों ने एक्स (ट्विटर) और अन्य माध्यमों पर बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें अपने मजबूत घरों की दीवारें तक डोलती हुई महसूस हुईं। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कई सीसीटीवी फुटेज और वीडियो में दोपहर लगभग 2:30 बजे दो बेहद तेज कड़कड़ाते धमाकों की आवाज साफ सुनी जा सकती है। हैरान करने वाली बात यह थी कि आसमान में न तो कोई धुंआ दिखाई दिया और न ही आग, जिससे यह घटना पूरी तरह रहस्यमयी प्रतीत हो रही थी।










