Naseeruddin Shah On Jantar Mantar Violence: छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, कहा- मेरा दिल गुस्से से खौल रहा है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन जारी है। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का फुटेज देखकर दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वीडियो जारी कर बल प्रयोग करने वालों को गुंडा बताया और छात्रों का हौसला बढ़ाया।

Naseeruddin Shah On Jantar Mantar Violence

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 22, 2026

Naseeruddin Shah On Jantar Mantar Violence: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर सियासी और सामाजिक संग्राम का अखाड़ा बन चुका है। यहां सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। बीते 20 जुलाई को जब इन आक्रोशित विद्यार्थियों और प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग को लेकर संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया, तो उन्हें दिल्ली पुलिस के भीषण लाठीचार्ज और बल प्रयोग का सामना करना पड़ा।

इस पुलिसिया बर्बरता की गूंज अब बॉलीवुड गलियारों तक पहुंच गई है। भूमि पेडनेकर, प्रकाश राज, अनुराग कश्यप और हुमा कुरैशी जैसे तमाम बड़े सितारों ने जहां सोशल मीडिया पर इसकी तीखी निंदा की है, वहीं हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक भावुक और आक्रामक वीडियो जारी कर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।

विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज से भड़के नसीरुद्दीन शाह

बताते चले कि, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर हमेशा बेबाकी से अपनी राय रखने वाले 76 वर्षीय वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुई हिंसक झड़प और पुलिसिया कार्रवाई का फुटेज देखने के बाद खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद भावुक वीडियो संदेश जारी किया। वीडियो में उनका गला भरा हुआ था और चेहरे पर व्यवस्था के खिलाफ साफ गुस्सा नजर आ रहा था। उन्होंने पीड़ित छात्र-छात्राओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन करते हुए कहा कि उनके साथ हुई यह ज्यादती बेहद शर्मनाक है और देश के भावी भविष्य के साथ इस तरह का क्रूर बर्ताव किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।

सत्ता शीर्ष पर बैठे लोगों पर नसीरुद्दीन का तीखा तंज

अपने वीडियो संदेश की शुरुआत में दिग्गज अभिनेता ने बेहद आक्रामक लहजे में देश के नेतृत्व और सत्ता तंत्र पर निशाना साधा। नसीरुद्दीन शाह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “आदाब नमस्कार, मैं नसीरुद्दीन शाह दो बातें अर्ज करना चाहता हूं आपसे। पहली तो ये कि अगर कोई जाहिल इंसान इस मुल्क की रहनुमाई (नेतृत्व) करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा का पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाबिल और बेरहम बन जाए।” उन्होंने अपनी शिक्षा और अभिनय के दिनों को याद करते हुए आगे जोड़ा कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) और पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट (FTII) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कोर्स करने के बावजूद, उन्होंने जीवन और कला की सबसे बड़ी सीख उन्हीं बच्चों से सीखी है जिन्हें उन्होंने कभी पढ़ाया था। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक दिवस पर वे देश के इन होनहार युवाओं को सलाम करते हैं।

चेहरा छिपाकर डंडा भांजने वालों को नसीरुद्दीन शाह की सख्त चेतावनी

जंतर-मंतर की सड़कों पर पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा किए गए दमन चक्र पर कड़ा प्रहार करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने उनकी तुलना अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों से कर डाली। भावुक और गुस्से से कांपती आवाज में उन्होंने कहा, “इस वक्त मेरा दिल बहुत भरा हुआ है और मैं गुस्से से पूरी तरह खौल रहा हूं। यह देखना बेहद दर्दनाक है कि हमारे मासूम बच्चों के साथ किस तरह का जुल्म और बर्बर बर्ताव किया जा रहा है। ये कार्रवाई मुझे उन गुंडों की याद दिलाती है जो अमेरिका के क्रूर एजेंट ‘आईसीई’ (ICE) की तरह काम करते हैं—मुंह पर नकाब लगाए हुए और हाथों में बेरहमी से डंडा थामे हुए।” उन्होंने बल प्रयोग करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचें, क्योंकि जो वे आज बो रहे हैं, उसका बुरा अंजाम उन्हें भी एक दिन भुगतना पड़ेगा।

युवा पीढ़ी के हौसले को नसीरुद्दीन शाह का सलाम

अपने संदेश के अंतिम हिस्से में नसीरुद्दीन शाह ने NEET परीक्षा में इंसाफ की गुहार लगा रहे आंदोलनकारी छात्रों का हौसला बढ़ाया और उन्हें डटे रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने युवाओं से मुखातिब होते हुए कहा कि वे इस दमनकारी नीति के आगे बिल्कुल भी हिम्मत न हारें। देश का एक बहुत बड़ा वर्ग और करोड़ों नागरिकों की हमदर्दी पूरी तरह से उनके इस न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ है। अभिनेता ने उम्मीद जताते हुए कहा, “आप लोग अपनी यह लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ते रहें। मुझे हमेशा से हमारे मुल्क की इस युवा पीढ़ी से बहुत उम्मीदें रही हैं, और आज उनके इस जज्बे को देखकर वह उम्मीद और ज्यादा उजागर हो गई है। आप आगे बढ़ें, हम सब इस हक की लड़ाई में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”