Ashok Kharat News: महाराष्ट्र के नासिक में ‘कैप्टन’ के नाम से मशहूर ज्योतिषाचार्य अशोक खरात की गिरफ्तारी ने राज्य भर में हड़कंप मचा दिया है। रसूखदार नेताओं और मशहूर हस्तियों के साथ संबंधों का दावा करने वाले इस कथित ज्योतिषी पर न केवल एक महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप है, बल्कि अंधविश्वास की आड़ में भोले-भाले लोगों को लूटने का एक बड़ा रैकेट चलाने का भी खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस ‘अघोरी’ साम्राज्य की परतें खुलती जा रही हैं।
ज्योतिष की आड़ में यौन शोषण
अशोक खरात पर 35 वर्षीय एक महिला ने बलात्कार का संगीन आरोप लगाया है। जांच के दौरान पुलिस के हाथ कुछ बेहद आपत्तिजनक सबूत लगे हैं, जिनमें आरोपी के करीब 58 विवादित वीडियो शामिल हैं। ये वीडियो उसके रसूख और अनैतिक गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। नासिक क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने उस रसूखदार छवि को ध्वस्त कर दिया है, जिसे खरात ने सालों से राजनेताओं और सेलिब्रिटीज के भविष्य बताने का दावा करके बनाया था। साल 2022 में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उसकी मुलाकात की तस्वीरों ने उसे काफी चर्चा में ला दिया था।
अघोरी प्रथा और नकली चमत्कारों का भंडाफोड़
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि खरात अपने मंदिर परिसर में डर का माहौल बनाने के लिए नकली सांपों और बाघ की खाल का इस्तेमाल करता था। वह रिमोट कंट्रोल से चलने वाले नकली सांपों की मदद से लोगों को दैवीय चमत्कार होने का झांसा देता था। संमोहन (Hypnotism) और अघोरी विधियों के नाम पर श्रद्धालुओं को मानसिक रूप से डराकर उनसे मोटी रकम वसूलना उसकी कार्यशैली का हिस्सा था। अंधविश्वास की आड़ में चल रहे इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश होने से लोग स्तब्ध हैं।
भक्तों के साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी
खरात केवल डराने तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उसने ठगी का एक व्यवस्थित आर्थिक मॉडल तैयार कर रखा था। बाजार में मात्र 100 रुपये में मिलने वाले जंगली चिंचोके (इमली के बीज) को पॉलिश कर वह उन्हें ‘चमत्कारी वस्तु’ बताकर 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक में बेचता था। सस्ते और नकली रत्नों को दैवीय शक्ति से संपन्न बताकर ऊंचे दामों पर बेचना उसकी आम आदत थी। इस प्रकार, उसने सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाकर करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की है।
वीआईपी रसूख और राजनीतिक गलियारों में पहुंच
अशोक खरात उर्फ कैप्टन खरात की मुश्किलें इसलिए भी सुर्खियां बटोर रही हैं क्योंकि उसकी पहुंच राज्य के बड़े राजनेताओं तक थी। वह खुद को भविष्यवक्ता बताकर सत्ता के गलियारों में पैठ जमा चुका था। सेलिब्रिटीज के साथ उठना-बैठना और अपनी भविष्यवाणियों का ढिंढोरा पीटना उसकी मार्केटिंग का तरीका था। हालांकि, अब कानून का शिकंजा कसने के बाद उसके सभी प्रभाव फीके पड़ते नजर आ रहे हैं और क्राइम ब्रांच बारीकी से जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है।









