NEET Paper Leak: “मम्मी-पापा, मुझे माफ करना…” आकांक्षा का आखिरी खत पढ़कर आप भी नहीं रोक पाएंगे आंसू

नीट (NEET) पेपर लीक कांड के सदमे में मध्य प्रदेश के मऊगंज की होनहार छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने नागपुर में आत्महत्या कर ली। परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा के डर से डिप्रेशन में आई आकांक्षा ने सुसाइड नोट में अपनी बेबसी जाहिर की। इस घटना ने देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

NEET Paper Leak

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 4, 2026

NEET Paper Leak: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी ने नीट (NEET) परीक्षा में हुए पेपर लीक के सदमे में आकर अपना जीवन समाप्त कर लिया है। नागपुर में नीट की कोचिंग ले रही आकांक्षा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लिखी अंतिम पंक्तियां हर किसी को झकझोर रही हैं। उसने लिखा, “मम्मी-पापा, आपको भरोसा था कि मैं डॉक्टर बनूंगी, लेकिन अब मुझमें दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है।” इस घटना ने देश भर में चल रहे नीट विवाद को एक और हृदयविदारक मोड़ दे दिया है।

किसान पिता के सपने और 15 लाख का कर्ज

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, आकांक्षा मूल रूप से मऊगंज जिले के मगनिया गांव की निवासी थी। उसके पिता कृष्ण कुमार चौबे एक किसान हैं, जिन्होंने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अन्य माध्यमों से करीब 15 लाख रुपये का कर्ज लिया था। परिजनों ने बताया कि परीक्षा के बाद आकांक्षा बहुत खुश थी और उसे 650 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी। हालांकि, जैसे ही उसे पेपर लीक होने की सूचना मिली, वह गहरे अवसाद (Depression) में चली गई। उसने खाना-पीना छोड़ दिया और 31 मई की रात मौत को गले लगा लिया।

विपक्ष ने सरकार को घेरा, मदद का दिया आश्वासन

वही, आकांक्षा की मौत के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने शोकाकुल परिवार से फोन पर बात कर सांत्वना दी। वहीं, एनएसयूआई (NSUI) के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर 2.5 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक मदद दी और पिता के 3 लाख रुपये के KCC कर्ज को चुकाने का वादा किया है। युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने इसे सरकार की ‘बड़ी विफलता’ करार देते हुए कहा कि शिक्षा माफिया के कारण एक प्रतिभावान छात्रा ने अपने प्राण त्याग दिए, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल का तीखा प्रहार

देश के प्रमुख राजनेताओं ने इस घटना पर गहरी संवेदना और आक्रोश व्यक्त किया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सरकार से पूछा कि क्या यह ‘बेबस बेटी का आखिरी खत’ भाजपा की आंखें खोलने के लिए काफी नहीं है? वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा कराना ही समाधान नहीं है, बल्कि शिक्षा माफियाओं का खात्मा करना होगा। केजरीवाल ने सवाल किया कि नीट परीक्षा के कारण जान गंवाने वाले छात्रों की मौत का न्याय आखिर कब मिलेगा?

पेपर लीक कांड की बढ़ती भयावहता

आकांक्षा की मौत ने नीट परीक्षा की शुचिता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देशभर में छात्र और अभिभावक अब एक ही मांग कर रहे हैं कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए ताकि किसी और बेटी को अपना सपना अधर में छोड़कर दुनिया से न जाना पड़े। प्रशासन और सरकार के सामने अब न केवल पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की चुनौती है, बल्कि उन परिवारों के प्रति भी जवाबदेही है जिन्होंने अपने बच्चों के भविष्य के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया था।