NEET: राजस्थान में NEET परीक्षा पेपर लीक विवाद और उसके बाद उपजे तनाव के कारण सीकर के एक छात्र द्वारा आत्महत्या करने का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। इस दुखद घटना के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।
हालांकि, यह मुलाकात उस समय बड़े विवाद में बदल गई जब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह बात सामने आई कि बैठक के दौरान राहुल गांधी के साथ एक कथित हिस्ट्रीशीटर भी मौजूद था। इस इनपुट के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है, जिस पर अब कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI की ओर से आधिकारिक सफाई सामने आई है।
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बीजेपी का गंभीर आरोप
भारतीय जनता पार्टी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी और पीड़ित परिवार की इस बेहद संवेदनशील और निजी मुलाकात में राजस्थान का एक नामी हिस्ट्रीशीटर भी टेबल पर बैठा हुआ था। बीजेपी के अनुसार, बैठक में शामिल व्यक्ति की पहचान राजेश जोया उर्फ ‘सरकार’ के रूप में हुई है, जिसका सीधा संबंध कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग से है।
आरोप है कि राजेश जोया सीकर जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ रंगदारी, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में लगभग 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बीजेपी ने सवाल उठाया है कि नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा और इतनी संवेदनशील मुलाकात में एक अपराधी कैसे शामिल हो सकता है?
NSUI की सफाई
विवाद बढ़ता देख नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सामने आकर इन आरोपों का खंडन किया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बीजेपी इस मामले को राजनीतिक रूप देने के लिए झूठी अफवाहें फैला रही है।
NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ का बयान
“राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले लोगों की सूची खुद मृतक छात्र के पिता ने तय की थी। दिल्ली आने वाले पांच लोगों में राजेश जोया भी शामिल थे, जिन्हें परिवार ने मृतक छात्र प्रदीप का सगा मामा बताया था। वह कोई गैंगस्टर या पेशेवर अपराधी नहीं हैं, बल्कि एक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।”
NSUI का कहना है कि राजेश जोया छात्र हितों और सामाजिक मुद्दों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं। आंदोलनों के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और प्रदर्शन करने के कारण ही उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थीं। इसी राजनीतिक और प्रशासनिक रंजिश के तहत स्थानीय पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट खोल दी थी, जबकि उनका किसी भी अंडरवर्ल्ड या गैंगस्टर नेटवर्क से कोई लेना-देना नहीं है।
डिप्रेशन के कारण छात्र ने गंवाई थी जान
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि बेहद दुखद है। सीकर में रहकर NEET की तैयारी कर रहे छात्र प्रदीप माहिच ने पेपर लीक की घटना और उसके बाद परीक्षा रद्द होने की खबरों से आहत होकर खुदकुशी कर ली थी। परिजनों का कहना है कि प्रदीप लंबे समय से कड़ी मेहनत कर रहा था, लेकिन परीक्षा व्यवस्था की नाकामी के कारण वह गहरे डिप्रेशन (तनाव) में चला गया और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
इस घटना के बाद एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पीड़ित परिवार से राजस्थान में मुलाकात की थी और फोन पर उनकी बात राहुल गांधी से करवाई थी। राहुल गांधी के विशेष आमंत्रण पर ही पीड़ित परिवार 27 मई को दिल्ली पहुंचा था। राहुल गांधी के आवास पर करीब आधे घंटे तक चली इस मुलाकात में मृतक प्रदीप के पिता राजेश, बहन बबीता, चचेरा भाई विजेंद्र, पारिवारिक मित्र श्रवण कांटीवाल और कथित मामा राजेश जोया मौजूद थे। अब इसी मुलाकात की तस्वीरों को लेकर राजस्थान से लेकर दिल्ली तक की सियासत गरमा गई है।










