NEET UG 2026: नीट परीक्षा में वायुसेना की एंट्री पर सियासी घमासान, विपक्ष ने किया तीखा वार

NEET UG 2026 की परीक्षा सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है क्योंकि सरकार वायुसेना की मदद से पेपर ट्रांसपोर्ट पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के सामने आते ही विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।

नीट परीक्षा में वायुसेना की एंट्री पर सियासी घमासान

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 29, 2026

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NEET UG 2026: नीट-यूजी परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार एक बार फिर सख्त और हाई-लेवल सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। 21 जून को प्रस्तावित दोबारा परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार हर संभव विकल्प पर विचार कर रही है। इसी क्रम में परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और ट्रांसपोर्टेशन के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता लेने की संभावना भी सामने आई है।

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उच्च स्तरीय बैठक में हुआ विचार-विमर्श

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में यह सुझाव रखा गया कि प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इसे आगे विचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम

सूत्रों के अनुसार सरकार परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण को बेहद गंभीरता से ले रही है। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उन्हें प्रिंट करने, सुरक्षित स्थानों पर रखने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न एजेंसियों की भूमिका पर भी चर्चा की गई है।

विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

सरकार के इस संभावित कदम पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मुद्दे पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर इतना ही सुरक्षा का ध्यान है तो उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा केंद्रों से उठाकर ऑनलाइन सर्वर तक पहुंचाने के लिए नेवी की पनडुब्बियों का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

सोशल मीडिया पर बयानबाजी तेज

प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस मुद्दे को लेकर कई टिप्पणियां कीं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि सरकार अब परीक्षा पेपर को सुरक्षित रखने के लिए सेना की विभिन्न शाखाओं का उपयोग करने पर विचार कर रही है, जो उन्होंने व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत किया।

वायुसेना की भूमिका पर चर्चा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि क्या भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग प्रश्नपत्रों को विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। यह विचार अभी प्रारंभिक चरण में है और इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

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प्रधानमंत्री की निगरानी में तैयारी

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया की तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। उन्हें लगातार अपडेट दिया जा रहा है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर वितरण और परीक्षा संचालन तक हर चरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

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