NEET UG Exam Paper Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। शिक्षा मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया था, जिसने एफआईआर दर्ज करने के महज 24 घंटों के भीतर आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 13 मई, 2026 को हुई इस कार्रवाई ने पेपर लीक गिरोह के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है।
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तीन राज्यों में धरपकड़
सीबीआई ने अलग-अलग टीमों के जरिए तीन राज्यों—राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित आरोपियों को हिरासत में लिया गया। यहाँ से सबसे बड़ी सफलता मिली, जहाँ मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को गिरफ्तार किया गया। इन तीनों पर पेपर लीक गिरोह के लिए स्थानीय स्तर पर नेटवर्क चलाने का संदेह है। यहाँ से शुभम खैरनार नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा के गुरुग्राम से यश यादव को सीबीआई ने पकड़ा है। जांच एजेंसी फिलहाल इन सभी आरोपियों से उनके संपर्कों और ट्रांजेक्शन के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
शिक्षा मंत्रालय की शिकायत और सख्त कानूनी धाराएं
सीबीआई की यह कार्रवाई शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत का परिणाम है। मंत्रालय ने परीक्षा के संचालन में बरती गई अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग की थी।
एफआईआर के मुख्य बिंदु
सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। विशेष रूप से, इस बार पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) एक्ट 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो पेपर लीक जैसे अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करता है।
तलाशी अभियान और तकनीकी जांच
गिरफ्तारी के साथ-साथ सीबीआई ने देशभर में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं:
डिजिटल सबूत: छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
दस्तावेज: कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं, जो परीक्षा से पहले पेपर एक्सेस करने के दावों की पुष्टि कर सकते हैं।
एसओजी के साथ समन्वय: सीबीआई राजस्थान पुलिस की SOG (Special Operations Group) के साथ लगातार संपर्क में है, क्योंकि इस मामले की शुरुआती कड़ियां राजस्थान से जुड़ी मिली थीं।
निष्पक्ष जांच का भरोसा
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले के हर तकनीकी और फॉरेंसिक पहलू का विश्लेषण कर रही है। एजेंसी का लक्ष्य पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना और उन सभी लोगों को बेनकाब करना है जो भविष्य के डॉक्टरों के करियर के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सीबीआई के अनुसार, जांच पूरी तरह पेशेवर और व्यापक तरीके से जारी रहेगी ताकि छात्रों को न्याय मिल सके।
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