TCS Nashik Case Update: महाराष्ट्र के नासिक से सामने आए कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के गंभीर मामले ने अब कॉर्पोरेट जगत तक अपनी धमक पहुंचा दी है। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की मुश्किलें हर बीतते दिन के साथ बढ़ती जा रही हैं। भारत की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने नैतिक मूल्यों और कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए निदा खान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल केस में नया मोड़ आ गया है।
TCS का कड़ा प्रहार
बताते चले कि, आईटी दिग्गज TCS (Tata Consultancy Services) ने 9 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी कर निदा खान को सेवा से सस्पेंड कर दिया है। निदा दिसंबर 2021 से कंपनी में ‘प्रोसेस एसोसिएट’ के तौर पर काम कर रही थी। निलंबन पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उन पर लगे गंभीर आपराधिक आरोप और संभावित न्यायिक हिरासत के कारण वे अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम नहीं हैं। कंपनी के एचआर हेड शेखर कांबले ने आदेश दिया है कि निदा का नेटवर्क एक्सेस तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाए। इसके अलावा, उन्हें कंपनी की संपत्तियां लौटाने और किसी भी सहकर्मी से संपर्क न करने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि जांच की गोपनीयता बनी रहे।
अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई
आज पूरे महाराष्ट्र की निगाहें स्थानीय अदालत पर टिकी हैं, जहां निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Plea) पर अहम सुनवाई होनी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि कोर्ट जमानत अर्जी को खारिज कर देता है, तो नासिक पुलिस निदा खान को किसी भी वक्त गिरफ्तार कर सकती है। उन पर लगे जबरन धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपों की प्रकृति को देखते हुए अभियोजन पक्ष कड़ी पैरवी कर रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर पर राहत न मिलना आरोपी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है, क्योंकि पुलिस पहले ही गिरफ्तारी का रास्ता साफ होने का इंतजार कर रही है।
महिला आयोग की सक्रियता
इस संवेदनशील प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। आयोग द्वारा गठित विशेष सत्यशोधन समिति (Fact-Finding Committee) की जांच आज तीसरे दिन भी जारी है। समिति के सदस्य लगातार पीड़ितों और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज कर रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आ सके। आयोग का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा संगठित गिरोह शामिल है जो यौन उत्पीड़न के जरिए धर्मांतरण के खेल को अंजाम दे रहा था। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।









