निर्मला सप्रे का हाई कोर्ट में बयान: मैं कांग्रेस में हूं, 9 अप्रैल को स्पीकर के सामने रखेंगे नेता प्रतिपक्ष सिंघार अपना पक्ष

 जबलपुर  हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को बीना विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका पर सुनवाई हुई। मामले में उस समय नया मोड़ आया जब हाई कोर्ट के पूछने पर निर्मला सप्रे की ओर से दावा किया गया कि वे अभी भी कांग्रेस पार्टी में हैं। अब इस मामले में याचिकाकर्ता उमंग सिंघार को विधानसभा स्पीकर के सामने नौ अप्रैल को अपना पक्ष रखना है। सिंघार की याचिका पर विस अध्यक्ष ने निर्णय क्यों नहीं लिया इसके मद्देनजर कोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई

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Published On :

अप्रैल 1, 2026

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 जबलपुर
 हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को बीना विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका पर सुनवाई हुई।

मामले में उस समय नया मोड़ आया जब हाई कोर्ट के पूछने पर निर्मला सप्रे की ओर से दावा किया गया कि वे अभी भी कांग्रेस पार्टी में हैं। अब इस मामले में याचिकाकर्ता उमंग सिंघार को विधानसभा स्पीकर के सामने नौ अप्रैल को अपना पक्ष रखना है।

सिंघार की याचिका पर विस अध्यक्ष ने निर्णय क्यों नहीं लिया
इसके मद्देनजर कोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई 20 अप्रैल को नियत की है। सप्रे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने पक्ष रखा। विगत सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा था कि 16 माह बीतने के बावजूद सिंघार की याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष ने निर्णय क्यों नहीं लिया।

विधायक निर्मला सप्रे का निर्वाचन शून्य करने की मांग की है
उल्लेखनीय है कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह याचिका दायर की है। सिंघार ने कांग्रेस की बीना से विधायक निर्मला सप्रे का निर्वाचन शून्य करने की मांग की है। याचिकाकर्ता के अनुसार 30 जून 2024 को उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष तोमर के समक्ष इस मामले में याचिका दायर की थी। लेकिन निर्धारित 90 दिन के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई। लिहाजा, हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।

विधायक पर पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप लगाया गया है
कांग्रेस ने अपनी ही पार्टी की विधायक पर पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप लगाया गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान पांच मई, 2024 को राहतगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंची थीं। याचिकाकर्ता का कहना है कि कांग्रेस विधायक सप्रे भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।

 

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