बोरवेल अनुमति के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, हरियाणा सरकार ने तय की 45 दिन की समयसीमा

चंडीगढ़. हरियाणा में अब 45 दिन के अंदर बोरवेल लगाने की अनुमति दी जाएगी। जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने भूजल निकालने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति देने से जुड़े कार्यों को सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल कर लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। पदाभिहित अधिकारी के रूप में मुख्य तकनीकी अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित समयावधि में अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति जारी कर दी जाए। 45 दिन में बोरवेल की अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी मुख्य जल विज्ञानी के पास अपील

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Published On :

मई 28, 2026

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चंडीगढ़.

हरियाणा में अब 45 दिन के अंदर बोरवेल लगाने की अनुमति दी जाएगी। जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने भूजल निकालने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति देने से जुड़े कार्यों को सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल कर लिया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। पदाभिहित अधिकारी के रूप में मुख्य तकनीकी अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित समयावधि में अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति जारी कर दी जाए। 45 दिन में बोरवेल की अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी मुख्य जल विज्ञानी के पास अपील की जा सकेगी। अगर फिर भी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ तो द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी के रूप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मामले को निपटाएंगे।

वहीं, प्रदेश में अब भी 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें से 13 हजार 360 किसान पूरा शुल्क जमा करा चुके हैं, जिन्हें अगस्त अंत तक ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। 31 दिसंबर 2023 तक किए गए आवेदनों के लिए मांग नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पूरी लागत राशि जमा करा चुके उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 4241 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 9119 किसानों को छह महीने में बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। 10 बीएचपी तक आवेदन करने वालों को आफ-ग्रिड सोलर पंप दिए जा रहे हैं। इसके अलावा एक जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच आवेदन करने वाले 43 हजार 527 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 16 हजार 323 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 27 हजार 204 किसान शामिल हैं।

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