Shashi Tharoor on Budget 2026: बजट 2026 पर शशि थरूर ने उठाए सवाल, केरल की अनदेखी का आरोप

बजट 2026 पेश होते ही विपक्ष ने आरोपों की झड़ी लगा दी है। शशि थरूर ने केरल की अनदेखी पर #InvisibleKerala कैंपेन छेड़ा है, तो अखिलेश यादव ने इसे जनता को 'पीतल के जेवर' पहनाने वाला बजट बताया। टीएमसी ने बंगाल के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए इसे 'विजनलेस' करार दिया।

Shashi Tharoor on Budget 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Shashi Tharoor on Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2026 पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बजट भाषण में ठोस जानकारियां बेहद कम थीं और सिर्फ कुछ हेडलाइन तक ही बात सीमित रही। थरूर के मुताबिक, कई अहम घोषणाएं अधूरी जानकारी के साथ की गईं, जिससे राज्यों और जनता को स्पष्ट दिशा नहीं मिल पाई।

एम्स आयुर्वेद घोषणा पर उठे सवाल

शशि थरूर ने विशेष रूप से एम्स आयुर्वेद के ऐलान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इसकी घोषणा तो कर दी, लेकिन यह नहीं बताया कि यह संस्थान कहां स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केरल में आयुर्वेद की एक समृद्ध और ऐतिहासिक परंपरा रही है और राज्य को इस तरह के संस्थान की सबसे ज्यादा जरूरत है, इसके बावजूद बजट में केरल का नाम तक नहीं लिया गया।

केरल की अनदेखी का आरोप

थरूर ने कहा कि वित्त मंत्री ने अपने भाषण में नारियल का उल्लेख किया, जिससे संकेत मिलता है कि बात केरल से जुड़ी हो सकती है, क्योंकि देश में सबसे अधिक नारियल उत्पादन केरल में होता है। इसके बावजूद वाराणसी और पटना जैसे शहरों का नाम लिया गया, लेकिन केरल का जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने इसे राज्य की उपेक्षा करार देते हुए कहा कि बजट भाषण में विवरण की भारी कमी थी और शायद पूरी जानकारी दस्तावेजों में दी गई हो।

वादों और अमल के बीच खाई

सरकार पर निशाना साधते हुए शशि थरूर ने कहा कि मौजूदा सरकार की सबसे बड़ी समस्या यह है कि घोषणाएं बहुत की जाती हैं, लेकिन उनके अमल में गंभीरता नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि बजट में भी वही पुरानी स्थिति नजर आती है, जहां वादे तो हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है।

अखिलेश यादव का बजट पर तीखा प्रहार

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बजट 2026 को लेकर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह जमीनी हकीकत से कटा हुआ है और आम जनता की समझ से बाहर है। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि बिना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किए विकसित भारत का सपना कैसे साकार किया जा सकता है।

शिक्षा और गरीबों की अनदेखी का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि बजट में गरीबों और वंचित वर्गों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उनके मुताबिक, जब तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर गंभीर निवेश नहीं होगा, तब तक विकास केवल कागजों तक सीमित रहेगा। उन्होंने बजट को अव्यावहारिक बताते हुए सरकार की सोच पर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस की सतर्क प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बजट पर अपेक्षाकृत संतुलित और सतर्क प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह देखना जरूरी है कि क्या भारत को विकसित देशों के स्तर का बजट मिल रहा है। औजला के अनुसार, देश को एक समान, संतुलित और समावेशी बजट की जरूरत है, जिससे सभी वर्गों को बराबर लाभ मिल सके।

टीएमसी ने बताया निराशाजनक बजट

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने बजट 2026 को पूरी तरह निराशाजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई नई सोच या नई योजना नजर नहीं आती। रॉय के मुताबिक, वित्त मंत्री ने पुरानी योजनाओं को ही दोहराया है और किसी भी राज्य को विशेष लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने खासतौर पर पश्चिम बंगाल की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट राज्यों की जरूरतों को नजरअंदाज करता है।

विपक्ष का साझा संदेश

कुल मिलाकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया से साफ है कि बजट 2026 को लेकर असंतोष व्यापक है। अलग-अलग दलों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से बजट की कमियों को उजागर किया है और सरकार से जवाबदेही व स्पष्टता की मांग की है।