Parliament Monsoon Session 2026: मानसून सत्र के पहले दिन ही टकराव, विपक्ष के हंगामे से लोकसभा की कार्रवाई प्रभावित

Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। विपक्षी सांसदों ने कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई। सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के बीच अब नजर रहेगी कि सत्र में कौन-कौन से बड़े मुद्दे उठाए जाते हैं।

मानसून सत्र के पहले दिन ही टकराव

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 20, 2026

Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की वजह से प्रभावित हो गई। सदन की शुरुआत के कुछ समय बाद ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके कारण सामान्य कामकाज आगे नहीं बढ़ सका। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध के चलते स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। आखिरकार लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

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विपक्ष ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कई बड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं, नीट परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन जैसे मामलों को संसद में उठाएंगे। विपक्ष का कहना है कि वह जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर सरकार से जवाब मांगेगा। वहीं, केंद्र सरकार भी इन मुद्दों पर अपना पक्ष रखने और अपनी नीतियों का बचाव करने के लिए तैयार है।

13 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र

संसद का यह मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलने वाला है। इस दौरान कुल 25 दिनों में 19 बैठकें आयोजित होने की संभावना है। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की कोशिश की जाएगी। राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि मौजूदा समय में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आ सकते हैं।

लोकसभा सीटों की संख्या और महिला आरक्षण

सरकार इस सत्र में संविधान संशोधन से जुड़े एक अहम प्रस्ताव को दोबारा संसद में पेश करने की तैयारी कर सकती है। इसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे प्रावधान शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले भी इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पर्याप्त राजनीतिक समर्थन नहीं मिलने के कारण यह सफल नहीं हो पाया था। अब नए राजनीतिक समीकरणों के बीच सरकार इसे फिर से लाने पर विचार कर सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक मजबूती का किया जिक्र

संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति और वैश्विक चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि इसका असर ऊर्जा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर देशों पर पड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद देश ने आर्थिक मजबूती बनाए रखी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से विकास करने वाले देशों में अपनी स्थिति बनाए हुए है।

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सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के आसार

मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विपक्ष जहां विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों, विकास योजनाओं और आर्थिक नीतियों को सामने रखकर अपना पक्ष मजबूत करने की कोशिश करेगी। पहले दिन की कार्यवाही से ही संकेत मिल गए हैं कि यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी गर्म रहने वाला है।