Pawan Khera vs Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली राहत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले की सराहना की है। यह कानूनी कार्रवाई सीएम की पत्नी, रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई उस प्राथमिकी (FIR) से संबंधित है, जिसमें खेड़ा पर पासपोर्ट विवाद को लेकर झूठे आरोप लगाने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को न्याय प्रक्रिया की जीत बताते हुए कहा कि कानून सर्वोपरि है।
न्यायालय की बड़ी कार्रवाई
बताते चले कि, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने तेलंगाना हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसने पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत प्रदान की थी। असम सरकार ने इस राहत को चुनौती देते हुए तर्क दिया था कि क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के बाहर दी गई यह ज़मानत कानून के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। कोर्ट ने अब खेड़ा को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
राहुल गांधी बनाम हिमंत सरमा
जब मीडिया ने मुख्यमंत्री से राहुल गांधी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल किया, तो उन्होंने विपक्ष के नेता को सीधे तौर पर चुनौती दे डाली। सरमा ने कहा कि राहुल गांधी को खुद को ‘भगवान’ समझना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी सार्वजनिक रूप से अपना पासपोर्ट मीडिया को दिखाएं, और बदले में वह अपनी पत्नी का पासपोर्ट भी सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं। सीएम ने जोर देकर कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन तथ्यों का सामना करना कठिन।
आखिर क्या है विवाद की जड़ ?
आपको बता दे कि, यह पूरा कानूनी विवाद पवन खेड़ा के उन दावों से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि रिंकी भुइयां सरमा के पास भारत के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और मिस्र के भी पासपोर्ट हैं। खेड़ा ने यह भी दावा किया कि सरमा परिवार की दुबई में अघोषित संपत्ति और अमेरिका के व्योमिंग में एक बेनामी कंपनी मौजूद है। सरमा परिवार ने इन सभी दावों को पूरी तरह से काल्पनिक और मानहानिकारक बताते हुए कानूनी रास्ता अपनाया है।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के नेता पवन खेड़ा का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक कड़ा संदेश साझा करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा को देश का “सबसे भ्रष्ट” मुख्यमंत्री करार दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम सरकार संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन करते हुए राज्य की मशीनरी का दुरुपयोग विरोधियों को चुप कराने के लिए कर रही है। उन्होंने इन सभी भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।
असम में ज़मानत अर्जी के लिए खेड़ा को अनुमति
भले ही सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांज़िट बेल पर रोक लगा दी हो, लेकिन अदालत ने पवन खेड़ा के लिए एक दरवाजा खुला रखा है। पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि खेड़ा असम की संबंधित अदालत में नियमित अग्रिम ज़मानत के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश उस प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं बनेगा। यह मामला अब पूरी तरह से कानूनी साक्ष्यों और पासपोर्ट नियमों की व्याख्या पर टिक गया है।









