Peter Navarro India Attack: पीटर नवारो का भारत पर तीखा हमला, बोले- ‘टैरिफ के महाराजा’ हैं आप, रूसी तेल खरीद को बताया ‘ब्लड मनी’!

अमेरिकी व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर हमला बोलते हुए कहा कि नई दिल्ली रूसी तेल खरीदकर पुतिन की 'वॉर मशीन' को फंड कर रही है। नवारो ने भारत के टैरिफ को दुनिया में सबसे अधिक बताते हुए इसे अमेरिकी हितों के खिलाफ बताया। क्या ट्रंप प्रशासन भारत पर जवाबी टैरिफ लगाएगा?

Peter Navarro India Attack

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 18, 2026

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Peter Navarro India Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीनियर बिजनेस एडवाइजर पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत पर तीखे हमले किए हैं। नवारो ने भारत की व्यापार नीतियों, रूस से तेल आयात और ए.आई. सेवाओं पर सवाल उठाए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते पर गतिरोध बना हुआ है और ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% टैरिफ लगा रखा है।

अमेरिका क्यों भारत को AI सेवाओं के लिए पैसे दे रहा है?

नवारो ने अपने हालिया बयान में यह सवाल उठाया कि अमेरिकी लोग भारत में ए.आई. सेवाओं के लिए क्यों पैसे दे रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ChatGPT अमेरिका में चलता है, अमेरिकी बिजली का उपयोग करता है, लेकिन भारत, चीन और अन्य देशों को इसकी सेवाएं दी जाती हैं। नवारो ने इसे असंगत और गैर-जिम्मेदार बताया और कहा कि भारत को इसके बदले में भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर नवारो की चिंता

नवारो ने ए.आई. इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष रूप से डेटा सेंटर्स पर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे भविष्य का एक बड़ा मुद्दा बताया और कहा कि अमेरिका को इस पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि ए.आई. का इन्फ्रास्ट्रक्चर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालने वाला है।

भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ कहते हुए नवारो का आरोप

नवारो ने भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया और दावा किया कि भारत दुनिया का सबसे अधिक टैरिफ लगाने वाला प्रमुख देश है। उन्होंने भारत के द्वारा रूस से तेल आयात को लेकर भी तीखी आलोचना की और इसे ‘खून का पैसा’ बताया, जो रूस की यूक्रेन युद्ध मशीन को फंड कर रहा है। नवारो ने भारत को ‘क्रेमलिन का लॉन्ड्रोमैट’ तक कहा।

रूस से तेल आयात पर भारत का रुख

नवारो ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में रूस के समर्थन को बढ़ावा दे रहा है। हालांकि, भारत हमेशा से कहता आया है कि यह तेल खरीद ऊर्जा सुरक्षा का मामला है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करता है। भारत ने रूस से तेल आयात को लेकर अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है, जिसमें 2019-20 में 1.7% से बढ़कर 2024-25 में 35% तक पहुंचने की संभावना है।

नवारो की टिप्पणियों पर भारतीय प्रतिक्रिया

पीटर नवारो के बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इन टिप्पणियों को ‘अस्वीकार्य’ और ‘गलत जानकारी’ वाला बताया। मंत्रालय ने कहा कि नवारो की टिप्पणियां आपसी सम्मान को कमजोर करती हैं और यह भारत-अमेरिका संबंधों की गहराई को नहीं दर्शातीं। भारत ने अपने रूसी तेल खरीदने के निर्णय को पूरी तरह से कानूनी और ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित बताया है।

नवारो की पुरानी आलोचनाएं और विवाद

पीटर नवारो की भारत के प्रति आलोचनाएं नई नहीं हैं। वे ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही कड़े टैरिफ नीति के समर्थक रहे हैं और उन्होंने चीन पर भी भारी टैरिफ लगाए थे। नवारो की कुछ पुरानी टिप्पणियां, जैसे 2025 में भारत को ‘ब्राह्मण’ एनोलॉजी के तौर पर संबोधित करना, भी विवादास्पद रही थीं। इन टिप्पणियों ने भारत में कड़ी निंदा को जन्म दिया था।

भारत और अमेरिका के व्यापार संबंधों में तनाव

नवारो के बयान से पहले ही भारत और अमेरिका के व्यापार संबंधों में तनाव था। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है और दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत रुकी हुई है। भारत की तरफ से रूस से तेल आयात जारी रखने की वजह से यह तनाव और बढ़ा है। हालांकि, भारत ने हमेशा इसे अपनी ऊर्जा सुरक्षा के तहत सही ठहराया है।