PM Modi Somnath Temple Visit: गुजरात में मोदी का मेगा शो! सोमनाथ मंदिर में कुंभाभिषेकम की अनोखी रस्म, 2000 पुलिसकर्मी तैनात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमनाथ मंदिर में ऐतिहासिक 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' का हिस्सा बनेंगे। यहाँ पहली बार 1860 किलोग्राम वजनी कलश पर 11 पवित्र तीर्थों के जल से शिखर कुंभाभिषेक किया जाएगा। उत्तर भारत में पहली बार हो रहे इस विशेष अनुष्ठान और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर गुजरात में भारी उत्साह है।

PM Modi Somnath Temple Visit

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 11, 2026

PM Modi Somnath Temple Visit:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन राज्यों के प्रवास के दौरान आज गुजरात में मौजूद रहेंगे, जहां वे सोमनाथ मंदिर के ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस उत्सव का सबसे मुख्य आकर्षण मंदिर के भव्य शिखर पर स्थित विशाल कलश का कुंभाभिषेक है। इतिहास में पहली बार सोमनाथ मंदिर के शिखर कलश पर 11 पवित्र तीर्थों के जल से अभिषेक किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

1860 किलो का विशाल कलश और कुंभाभिषेक

बताते चले कि, सोमनाथ मंदिर के शिखर पर स्थापित होने वाला यह कलश इंजीनियरिंग और तकनीक का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पूरे ढांचे का कुल वजन 1860 किलोग्राम है, जिसमें अकेले मुख्य पात्र का वजन 760 किलोग्राम और इसकी क्षमता 1100 लीटर की है। पांच फुट ऊंचे इस विशाल पात्र को क्रेन की मदद से मंदिर के उच्चतम शिखर तक पहुँचाया जाएगा। रविवार को इस पूरी जटिल प्रक्रिया का सफल पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) किया गया ताकि मुख्य कार्यक्रम के दौरान कलश स्थापना और जलाभिषेक में कोई बाधा न आए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सरकारी समीक्षा

प्रधानमंत्री के दौरे और लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है। जूनागढ़ रेंज के डीआईजी राजेंद्र सिंह चुडासमा के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में 2000 से अधिक पुलिसकर्मी, होमगार्ड और वन विभाग के कर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने तैयारियों की समीक्षा की और सोमनाथ मंदिर में व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। जामनगर से लेकर सोमनाथ तक, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर है ताकि कार्यक्रम निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

सांस्कृतिक रंगों में डूबा गुजरात

सोमनाथ अमृत महोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक वैभव और पारंपरिक कला का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देशभर के विभिन्न राज्यों से आए 200 से अधिक ढोल वादकों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को उत्सवमय बना दिया है। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए जामनगर और सोमनाथ में एकत्रित हुए हैं। ‘लाल बंगला’ क्षेत्र देशभक्ति के नारों और पारंपरिक संगीत की धुनों से गूंज उठा है, जो भारत की ‘विविधता में एकता’ को प्रदर्शित करता है।

उत्तर भारत में पहली बार कुंभाभिषेक की परंपरा

धार्मिक दृष्टिकोण से यह आयोजन इसलिए भी विशेष है क्योंकि शिखर कुंभाभिषेक की रस्म मुख्य रूप से दक्षिण भारत के मंदिरों में प्रचलित है, जहाँ हर 10-12 साल में यह अनुष्ठान होता है। उत्तर भारत के किसी प्रमुख ज्योतिर्लिंग पर इस स्तर का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में होने वाला यह कार्यक्रम दक्षिण और उत्तर भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जोड़ने का एक सेतु बनेगा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु सोमनाथ पहुंच चुके हैं।