Bihar News: NEET पेपर लीक पर प्रशांत किशोर ने खोल दी पोल! बताया कौन चला रहा है देश में परीक्षा माफिया का खेल?

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को भाजपा के वादों पर जनता का जनमत संग्रह बताया है। इसके साथ ही उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक मामले के लिए बढ़ते कोचिंग माफिया और उनके प्रभाव को जिम्मेदार ठहराया। वहीं खान सर कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले पर उन्होंने इसे संचालकों का आपसी विवाद बताया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 6, 2026

Bihar News: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की ताजा सियासी हलचल के बीच बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले और मशहूर शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुई फायरिंग की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बांकीपुर उपचुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने इसे एक सामान्य चुनावी मुकाबला मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सीट का उपचुनाव नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभेद्य किला रहा है, जहां पिछले 40 वर्षों से भगवा दल को कोई भी पराजित नहीं कर पाया है। किशोर के अनुसार, यह चुनाव नवंबर 2025 में बनी एनडीए (NDA) सरकार के कामकाज और उसके लुभावने वादों की असल परीक्षा साबित होने वाला है।

प्रशांत किशोर ने शिक्षा प्रणाली में कोचिंग सेंटर्स के दबदबे को कोसा

बताते चले कि, देशव्यापी स्तर पर गरमाए नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा धांधली और प्रश्नपत्र लीक मामले पर बोलते हुए चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने इसे एक गहरी व्यवस्थागत बीमारी करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि प्रश्नपत्र का आउट होना कोई इकलौती या अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था के जर्जर ढर्रे को बयां करती है। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जब तक बड़े-बड़े निजी कोचिंग संस्थान और ट्यूशन सेंटर्स हमारे देश के एजुकेशन सेक्टर पर पूरी तरह हावी रहेंगे, तब तक परीक्षाओं की शुचिता सुरक्षित नहीं रह सकती और पेपर लीक होते रहेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि दो साल पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर नीट का पेपर लीक हुआ था, इस बार भी हुआ है और अगर कड़े कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसा होता रहेगा।

छात्रों को लुभाने के लिए किसी भी हद तक जाने का आरोप

प्रशांत किशोर ने देश के परीक्षा सिस्टम पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में शायद ही कोई ऐसी सरकारी या प्रतियोगी परीक्षा बची हो, जिसका पेपर समय से पहले लीक न हो जाता हो। इसके पीछे का मुख्य कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान देश में व्यावसायिक कोचिंग संस्थानों का प्रभाव और वित्तीय दबदबा अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। “ये कोचिंग संस्थान अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अपनी ओर आकर्षित करने और शत-प्रतिशत परिणाम का झूठा टैग दिखाने के लिए किसी भी अनैतिक हद तक जाने को तैयार रहते हैं।”

जन सुराज प्रमुख ने जोर देकर कहा कि जब तक सरकार इस पूरी व्यवस्था में हस्तक्षेप करके इन प्राइवेट कोचिंग सेंटर्स के अनियंत्रित प्रभाव और सिंडिकेट को कम नहीं करेगी, तब तक लीक रोकने के सरकारी दावे पूरी तरह खोखले साबित होते रहेंगे।

भाजपा के ‘धोखे’ का जवाब देगी बांकीपुर की जनता

बिहार में पहली बार भाजपा के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने के घटनाक्रम पर कटाक्ष करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि नवंबर 2025 में एनडीए ने राज्य की जनता को प्रति व्यक्ति 10-10 हजार रुपये देकर भ्रमित किया और गलत वादों के सहारे अपनी सरकार बना ली। इसलिए, बांकीपुर का यह उपचुनाव उन सभी वादों पर जनता की अदालत में एक ‘जनमत संग्रह’ (Referendum) की तरह होगा। जनता अब खुद तय करेगी कि चुनाव के समय किए गए वादे—जैसे हर गरीब को 2 लाख रुपये देना, बिहार से श्रम पलायन को पूरी तरह रोकना, बदहाल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं को परमानेंट रोजगार देना—पूरे हुए या नहीं। उन्होंने घोषणा की कि जन सुराज पूरी ताकत और मुस्तैदी के साथ बांकीपुर के चुनावी समर में उतरेगा ताकि एनडीए द्वारा बिहार के बदलाव की चाह रखने वाले लोगों को दिए गए कथित धोखे का मुंहतोड़ जवाब देकर उन्हें हराया जा सके।

खान सर कोचिंग सेंटर फायरिंग केस और FIR

वहीं दूसरी ओर, पटना के चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुई हालिया फायरिंग की घटना, उनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर (FIR) और उनकी संभावित गिरफ्तारी के संवेदनशील मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने बेहद नपा-तुला स्टैंड लिया। इस विवाद पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए जन सुराज के सूत्रधार ने कहा कि यह मूल रूप से कोचिंग चलाने वाले विभिन्न व्यावसायिक गुटों और संचालकों के बीच का आपसी मनमुटाव या अंदरूनी झगड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस तरह के मामलों या निजी विवादों के कोई विशेषज्ञ नहीं हैं। चूंकि उन्हें इस विशिष्ट घटनाक्रम के बारे में पूरी और पुख्ता जमीनी जानकारी नहीं है, इसलिए वे इस विषय पर कोई भी आधा-अधूरा बयान या अनावश्यक टिप्पणी नहीं करना चाहते।