शिवलिंग पर जल चढ़ाने की सावधानियां: महाशिवरात्रि 2026 में इन 6 भूलों से बचें

 इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करते हैं. मान्यता है कि भगवान शिव को सच्चे मन से अर्पित किया गया जल जीवन की बाधाओं को दूर करता है. लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां पूजा का पूर्ण फल मिलने से रोक सकती हैं. इसलिए जलाभिषेक करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. 1. तांबे के पात्र की

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 14, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करते हैं. मान्यता है कि भगवान शिव को सच्चे मन से अर्पित किया गया जल जीवन की बाधाओं को दूर करता है. लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां पूजा का पूर्ण फल मिलने से रोक सकती हैं. इसलिए जलाभिषेक करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

1. तांबे के पात्र की जगह प्लास्टिक का इस्तेमाल

शास्त्रों में तांबे या पीतल के पात्र से जल चढ़ाने की परंपरा बताई गई है. प्लास्टिक या गंदे बर्तन से जल चढ़ाना अशुभ माना जाता है. कोशिश करें कि साफ और शुद्ध पात्र का ही उपयोग करें.

2. तुलसी दल न चढ़ाएं

भगवान शिव की पूजा में तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता. तुलसी का संबंध भगवान विष्णु से माना जाता है. इसलिए भूलकर भी शिवलिंग पर तुलसी न चढ़ाएं.

3. केतकी का फूल अर्पित न करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, केतकी का फूल शिव पूजा में वर्जित है. इसलिए महाशिवरात्रि पर इसे चढ़ाने से बचें.

4. बेलपत्र उल्टा न रखें

बेलपत्र हमेशा तीन पत्तियों वाला और साबुत होना चाहिए. इसे शिवलिंग पर इस तरह रखें कि उसकी चिकनी सतह ऊपर की ओर रहे. फटा या कीड़ा लगा बेलपत्र अर्पित न करें.

5. जल चढ़ाते समय दिशा का ध्यान रखें

जलाभिषेक करते समय उत्तर दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है. साथ ही जल धीरे-धीरे अर्पित करें, एकदम से न उड़ेलें.

6. अभिषेक के जल का अपमान न करें

जो जल शिवलिंग से बहकर निकलता है, उसे पवित्र माना जाता है. उस पर पैर रखना या उसे अपवित्र करना ठीक नहीं माना जाता है.

Leave a Comment

2