Khamenei Death Reaction: खामेनेई की मौत के बाद ईरान में मची तबाही, प्रियंका गांधी ने हमले की कड़े शब्दों में की निंदा

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन और उसके बाद हुए भीषण हमलों पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बताते हुए निर्दोषों की मौत पर दुख जताया है। क्या प्रियंका का यह स्टैंड केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाएगा?

Khamenei Death Reaction

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 1, 2026

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Khamenei Death Reaction: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में युद्ध की ज्वाला शांत होने का नाम नहीं ले रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बावजूद अमेरिका और इज़रायल की ओर से सैन्य कार्रवाइयां निरंतर जारी हैं। इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर दी है, जिससे न केवल स्थानीय निवासी बल्कि वहां रह रहे विदेशी नागरिक भी भारी संकट में हैं। इस वैश्विक तनाव के बीच भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हमले की कड़ी आलोचना की है।

प्रियंका गांधी का कड़ा रुख: ‘लक्षित हत्याएं और हिंसा निंदनीय’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के नेतृत्व की “लक्षित हत्या” (Targeted Killing) और निर्दोष नागरिकों का नरसंहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही इन हमलों के पीछे कोई भी रणनीतिक कारण बताया जाए, लेकिन बड़े पैमाने पर मानवीय क्षति और संप्रभुता का उल्लंघन अत्यंत निंदनीय है। उनके अनुसार, हिंसा कभी भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सकती।

महात्मा गांधी के शांति संदेश का आह्वान: ‘आंख के बदले आंख’

प्रियंका गांधी ने वैश्विक नेताओं को शांति का मार्ग अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने वर्तमान संघर्ष को “अनावश्यक युद्ध” करार देते हुए कहा कि दुनिया को इस समय विनाश की नहीं, बल्कि शांति और स्थिरता की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रसिद्ध कथन का उल्लेख करते हुए लिखा, “आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देती है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह एक के बाद एक देश इस युद्ध में खिंचते चले गए, तो इसके परिणाम पूरी मानवता के लिए विनाशकारी होंगे।

पीएम मोदी से अपील: युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी

अपने बयान में प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इज़रायली नेतृत्व और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति औपचारिक समर्थन व्यक्त किया है, अब उन्हें अपनी कूटनीतिक शक्ति का उपयोग कर प्रभावित देशों (ईरान, इज़रायल और लेबनान) में मौजूद भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के प्रयास तेज करने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मानवीय संकट को प्राथमिकता देगी और भारतीयों को वापस लाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगी।

वैश्विक विमानन सेवाओं पर संकट: एयरपोर्ट्स पर फंसे यात्री

ईरान और इज़रायल के बीच छिड़ी इस जंग का सबसे तत्काल प्रभाव वैश्विक हवाई यातायात पर पड़ा है। कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द या डायवर्ट की जा रही हैं। हजारों यात्री विभिन्न देशों के एयरपोर्ट्स पर रातें गुजारने को मजबूर हैं। कनेक्टिविटी टूटने से उन भारतीयों के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं जो युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकलना चाहते हैं।

बिगड़ते हालात: एयर इंडिया और DGCA की सख्त कार्रवाई

युद्ध के चलते दुबई से लेकर भारत तक विमानन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। एयर इंडिया ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए 1 मार्च तक की अपनी कई प्रमुख उड़ानों को रद्द करने की घोषणा की है। साथ ही, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारतीय एयरलाइंस के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें 11 देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी गई है। चूंकि इन तनावग्रस्त देशों में हजारों की संख्या में भारतीय कार्यरत हैं, इसलिए भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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