हिन्दी की कहावत अखिलेश यादव की ओछी, तुच्छ और स्तरहीन सियासत पर सटीक : नन्दी

0Shares
 हिन्दी की एक कहावत है ‘थूक कर चाटना’, जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर यह साबित किया है। कुछ महीने पहले कोरोना वैक्सीन को भाजपा का टीका करार देते हुए वैक्सीन लगवाने से इनकार किया था और अब सहमति जताई है।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि कुछ महीने पहले भारतीय वैज्ञानिकों पर सवाल खड़ा करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिस कोरोना वैक्सीन को भाजपा का टीका करार दिया था, वैक्सीन लगवाने से इनकार किया था। आखिरकार आज उन्हें उसी कोरोना वैक्सीन को लगवाने के लिए अपनी सहमती जतानी पड़ी। जो हिन्दी की एक कहावत ‘थूक कर चाटने को साबित करती है’। नन्दी ने कहा कि कोरोना वैक्सीन पर अखिलेश यादव की ओछी, तुच्छ और स्तरहीन सियासत पर यह कहावत सटीक बैठती है।
मंत्री नन्दी ने कहा कि सोमवार को मुलायम सिंह यादव ने एक जिम्मेदार राजनेता का दायित्व निभाते हुए कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाया था। जिसके बाद आखिरकार अखिलेश यादव को अपना बयान बदलना पड़ा। लेकिन वैक्सीन पर उनका अफवाह फैलाने वाला बयान लोग अभी भूले नहीं हैं। अखिलेश यादव ने यह साबित किया है कि कुर्सी की भूख और लिप्सा ने उहें मानसिक रूप से दीवालिया बना दिया है। तभी उन्होंने लोगों की जान जोखिम में डालने का कुत्सित पाप किया था।
मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव द्वारा आज दिया गया यह बयान कि “हम भाजपा के टीके के खिलाफ थे, पर भारत सरकार के टीके का स्वागत करते हुए हम भी टीका लगवाएंगे व टीके की कमी से जो लोग लगवा नहीं सके थे, उनसे भी लगवाने की अपील करते हैं….” प्रायश्चित, सार्वजनिक क्षमा याचना से कम कुछ भी नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *