Rabri Devi Residence: राबड़ी देवी ने खाली किया 10 सर्कुलर रोड बंगला, 20 साल के सियासी सफर का अंत

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने करीब 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है। तेजस्वी यादव और लालू यादव के परिवार ने अब नए ठिकानों पर शिफ्ट होने का निर्णय लिया है। इस बदलाव ने पटना की राजनीति में हलचल मचा दी है। जानें, क्या है इस बंगले से जुड़ी पूरी कहानी।

Rabri Devi Residence

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 2, 2026

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Rabri Devi Residence: बिहार की सियासत में लंबे समय तक चर्चा का केंद्र रहे 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले को आखिरकार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने खाली कर दिया है। करीब 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, यह आवास अब उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हो गया है। इस कदम के साथ ही एक राजनीतिक युग का अंत हुआ है। राबड़ी देवी अब अपने परिवार के साथ पटना के कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट हो गई हैं।

भवन निर्माण विभाग का अल्टीमेटम

हालांकि सरकार की ओर से राबड़ी देवी को हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर का बंगला आवंटित किया गया था, लेकिन उन्होंने वहां जाने के बजाय अपने निजी घर को प्राथमिकता दी। यह पूरी प्रक्रिया 22 जून को भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए उस नोटिस के बाद तेज हुई, जिसमें उन्हें सात दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने का कड़ा निर्देश दिया गया था। इस अल्टीमेटम के बाद ही बंगले को खाली करने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी।

कौटिल्य नगर और पोलो रोड: लालू-तेजस्वी का नया पता

आपको बता दे कि, आवास परिवर्तन के इस दौर में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने कौटिल्य नगर वाले घर को अपना नया ठिकाना बनाया है। वहीं, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अपने परिवार (पत्नी और बच्चों) के साथ 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में स्थानांतरित हो गए हैं। आवास आवंटन में हुए इस बदलाव ने तेजस्वी यादव के नए प्रशासनिक और व्यक्तिगत ठिकाने को स्पष्ट कर दिया है।

10 सर्कुलर रोड की राजनीतिक विरासत

वर्ष 2006 में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के दौरान राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का बंगला आवंटित किया गया था। यह बंगला महज एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि आरजेडी की राजनीति का पावर सेंटर रहा है। इसी परिसर में लालू परिवार ने सत्ता के शिखर और विपक्ष के संघर्ष दोनों को करीब से देखा है। इसी बंगले से तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री बनने का सफर तय हुआ था। वर्तमान में बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर इस बंगले को खाली करवाने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगते रहे हैं।

तेजस्वी यादव के राजनीतिक करियर के लिए यह बंगला बेहद भाग्यशाली और महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। बिहार की राजनीति में किसी बड़े राजनीतिक परिवार द्वारा सरकारी आवास खाली करने की घटना हमेशा विवादों और चर्चाओं का विषय रही है। अब इस हाई-प्रोफाइल आवास में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री नंदकिशोर यादव का डेरा जमेगा। 10 सर्कुलर रोड अब एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत के लिए तैयार है।

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