Ram Manohar Lohia Birth Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने लोहिया को एक उत्कृष्ट चिंतक और सामाजिक न्याय के सशक्त प्रवक्ता के रूप में वर्णित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोहिया का व्यक्तित्व बहुआयामी था और उन्होंने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्रता के बाद भी देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सामाजिक न्याय और समानता के प्रति समर्पण
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि डॉ. लोहिया का जीवन गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित था। उनका मानना था कि समाज में समानता स्थापित किए बिना वास्तविक प्रगति संभव नहीं है। मोदी ने यह भी कहा कि लोहिया के विचार, विशेषकर लैंगिक समानता और जनभागीदारी पर आधारित शासन की अवधारणा, आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उस समय थीं।
सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त किए विचार
https://x.com/narendramodi/status/2035903105519472808?s=20
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में लिखा कि “डॉ. राम मनोहर लोहिया जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे जिन्होंने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लोगों को लामबंद करने में अहम भूमिका निभाई और बाद में 1947 के बाद भारत की प्रगति में योगदान दिया। वे एक बेहतरीन विचारक और सामाजिक न्याय की सबसे प्रमुख आवाज़ों में से एक थे। गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के उद्देश्य के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। लैंगिक समानता और सहभागी शासन पर उनके विचार भी उतने ही उल्लेखनीय हैं।”
एसडीएम का गंभीर आरोप: डीसी पर तंग करने का आरोप, चीफ सेक्रेटरी से जांच और ट्रांसफर की मांग
अन्य नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी डॉ. लोहिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात समाजवादी विचारक और ‘सप्त क्रांति’ के जनक के रूप में याद किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोहिया का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित था, जो आज भी समाज को दिशा देता है। इसी क्रम में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को नमन किया।
राजनीतिक जीवन और योगदान
डॉ. राम मनोहर लोहिया भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सक्रिय कार्यकर्ता और प्रमुख समाजवादी नेता थे। वे प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से जुड़े रहे। उनके राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पड़ाव आए। सन् 1962 में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ फूलपुर से चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन 1963 में हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और फर्रुखाबाद से लोकसभा सदस्य बने। इसके बाद 1967 में उन्होंने कन्नौज से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक उपस्थिति को और मजबूत किया।
प्रेरणादायक विरासत
डॉ. लोहिया की विचारधारा आज भी भारतीय राजनीति और समाज के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है। सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास के उनके सिद्धांत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।









