शरजील इमाम को कोर्ट से राहत, पीएचडी के लिए स्टडी मटीरियल वाली पेन ड्राइव पर आया बड़ा आदेश

नई दिल्ली  दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में आरोपी शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है. अदालत ने शरजील इमाम की उस अर्जी का निपटारा कर दिया जिसमें उसने जेल में रहते हुए अपनी पीएचडी थीसिस पूरी करने के लिए पेन ड्राइव में मौजूद स्टडी मटीरियल तक पहुंच देने की मांग की थी।  क्या थी शरजील इमाम की मांग? शरजील इमाम ने अदालत से अनुरोध किया था कि उसे अपनी पीएचडी थीसिस पूरी करने के लिए पेन ड्राइव में मौजूद स्‍टडी मटीर‍ियल का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए. उसका कहना था

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Published On :

जुलाई 21, 2026

नई दिल्ली
 दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में आरोपी शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है. अदालत ने शरजील इमाम की उस अर्जी का निपटारा कर दिया जिसमें उसने जेल में रहते हुए अपनी पीएचडी थीसिस पूरी करने के लिए पेन ड्राइव में मौजूद स्टडी मटीरियल तक पहुंच देने की मांग की थी। 

क्या थी शरजील इमाम की मांग?
शरजील इमाम ने अदालत से अनुरोध किया था कि उसे अपनी पीएचडी थीसिस पूरी करने के लिए पेन ड्राइव में मौजूद स्‍टडी मटीर‍ियल का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए. उसका कहना था कि इस सामग्री के बिना उसका शोध कार्य पूरा करना मुश्किल है। 

कोर्ट ने क्या कहा?
कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में सीधे तौर पर कोई राहत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पेन ड्राइव में मौजूद सामग्री को नियंत्रित और उसकी निगरानी करने का अधिकार केवल जेल सुपरिटेंडेंट के पास है। 

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शरजील इमाम को पेन ड्राइव की सामग्री तक पहुंच दी जाए या नहीं इस पर अंतिम निर्णय जेल सुपरिटेंडेंट अपने विवेक और जेल नियमों के अनुसार लेंगे। 

जेल प्रशासन पर छोड़ा फैसला
अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन सुरक्षा और जेल मैनुअल के नियमों को ध्यान में रखते हुए तय करेगा कि शरजील इमाम को किस तरह और किन शर्तों के साथ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है. अदालत ने इस संबंध में कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया। 

दिल्ली दंगा साजिश मामले का आरोपी
शरजील इमाम फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में आरोपी है. उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है. फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है और मुकदमे का सामना कर रहा है।