Russia-Ukraine War : रूस-यूक्रेन युद्ध में फिर भड़की चिंगारी, विजय दिवस से पहले ड्रोन हमले ने बिगाड़ा खेल

रूस की ऐतिहासिक विजय दिवस परेड से पहले यूक्रेन के संदिग्ध ड्रोन हमलों ने पुतिन की सुरक्षा रणनीति को चुनौती दे दी है। क्या कीव ने मास्को के भीतर घुसकर कोई बड़ा धमाका करने की योजना बनाई है? सरहदों पर तैनात मिसाइलों और टैंकों के बीच अब आसमान से बरसती आफत ने खलबली मचा दी है।

Russia-Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 8, 2026

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Russia-Ukraine War : मिडिल ईस्ट के संघर्षों के बीच रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब और भी विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 9 मई को मनाए जाने वाले ‘विजय दिवस’ (Victory Day) के उपलक्ष्य में 8 और 9 मई को यूक्रेन के साथ सीजफायर (युद्धविराम) का प्रस्ताव रखा था। पूरी दुनिया को उम्मीद थी कि शायद इन दो दिनों में शांति रहेगी, लेकिन 9 मई की शुरुआत से ठीक 50 मिनट पहले यूक्रेन ने एक बड़ा दांव चल दिया। यूक्रेन की ओर से रूस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन अटैक किए गए, जिसने युद्धविराम के सारे समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है।

जेलेंस्की की दोहरी रणनीति: ड्रोन हमले के साथ कूटनीतिक घेराबंदी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के इस कदम ने रूस को हैरान कर दिया है। जेलेंस्की ने न केवल सैन्य मोर्चे पर हमला किया, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी रूस को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कई देशों के उच्चाधिकारियों और विदेशी मेहमानों को सलाह दी कि वे मॉस्को में आयोजित होने वाली विजय दिवस परेड में शामिल न हों। जेलेंस्की के इस बयान को एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि परेड के दौरान कुछ भी अप्रिय घटित हो सकता है। इस कड़े रुख के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

कीव पर प्रतिशोध का साया: विदेशी दूतावासों को शहर छोड़ने का अलर्ट

रूस पर हुए इन ड्रोन हमलों के बाद अब मॉस्को के प्रतिशोध की बारी है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अपने ‘विजय दिवस’ के अपमान का बदला लेने के लिए यूक्रेन की राजधानी कीव पर भारी मिसाइल हमले कर सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कीव में स्थित सभी विदेशी दूतावासों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्हें सलाह दी गई है कि सुरक्षा कारणों से वे समय रहते कीव छोड़ दें। रूस के संभावित हमलों के डर से पूरे यूक्रेन में साइरन गूंज रहे हैं और लोग बंकरों की ओर रुख कर रहे हैं।

भीषण तबाही: नीप्रो से लेकर ओडेसा तक मिसाइलों की बारिश

ताजा युद्ध रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने यूक्रेन के नीप्रो, ओडेसा, खारकीव और कीव जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रूस ने इन शहरों पर सैकड़ों ड्रोन और घातक मिसाइलें दागी हैं। विशेष रूप से यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, जैसे गैस संयंत्रों और बिजली सब-स्टेशनों को तबाह किया जा रहा है ताकि देश की संचार और आपूर्ति व्यवस्था को ठप किया जा सके। दुर्भाग्यवश, इन हमलों की चपेट में कई रिहाइशी इमारतें भी आई हैं, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं।

शहीद ड्रोन और तेल रिफाइनरियों पर वार: युद्ध का नया चरण

रूस अब हमलों में ‘शहीद’ ड्रोन और गाइडेड बमों का आक्रामक उपयोग कर रहा है। 4 मई के बाद से ओडेसा और कीव में भीषण तबाही का मंजर देखा गया है। इसके जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे बेलगोरोड, कुर्स्क और ब्रायन्स्क में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यूक्रेन के ड्रोनों ने रूस की किरीशी तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया है, ताकि रूसी सेना की ईंधन आपूर्ति को बाधित किया जा सके। दोनों ही पक्ष अब एक-दूसरे के आर्थिक और सामरिक केंद्रों को नष्ट करने पर आमादा हैं, जिससे युद्ध के जल्द थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

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