Sahibzada Farhan: एशिया कप 2025 में पाकिस्तानी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान (Sahibzada Farhan) अपने खेल के साथ-साथ अपने गनशॉट सेलिब्रेशन के चलते चर्चा में रहे. सुपर-4 मुकाबले में भारत के खिलाफ अर्धशतकीय पारी खेलते समय उन्होंने मैदान पर बंदूक चलाने जैसा इशारा किया था. इस हरकत के बाद भारतीय टीम ने ICC को आधिकारिक शिकायत भेजी थी, जिसके चलते आईसीसी ने उन्हें चेतावनी दी थी.
गन सेलिब्रेशन से दूरी बनाकर खेल में फोकस
आईसीसी की फटकार के बाद साहिबजादा फरहान (Sahibzada Farhan) ने भारत के खिलाफ एशिया कप फाइनल में अपने दूसरे अर्धशतक के दौरान गन सेलिब्रेशन से दूरी बनाए रखी. उन्होंने अपने व्यवहार में सुधार दिखाया, लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान में उनके इस जश्न को सम्मानित किया गया. इस प्रकरण ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों के व्यवहार और मानसिकता पर सवाल खड़े किए हैं.
गनमोड स्टिकर किया लॉन्च
हाल ही में फरहान (Sahibzada Farhan) ने अपने जश्न से प्रेरित होकर ‘गनमोड’ नामक बल्ले का स्टिकर लॉन्च किया। बल्ला बनाने वाली कंपनी सीएस इंटरनेशनल ने सोशल मीडिया पर फरहान द्वारा स्टिकर पेश करते हुए वीडियो साझा किया। भारत के हाथों एशिया कप में तीनों मैचों में हार के बावजूद पाकिस्तानी खिलाड़ी बेशर्मी दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
फरहान का पाकिस्तान में शानदार स्वागत
साहिबजादा फरहान (Sahibzada Farhan) का पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चरसद्दा में भव्य स्वागत किया गया। स्वागत की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। फरहान ने आईसीसी सुनवाई के दौरान खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि यह जश्न उनके पख्तून समुदाय की पारंपरिक रीति है। उन्होंने यह भी दावा किया कि खेल में पहले भी बंदूकों से जश्न मनाने का तरीका इस्तेमाल होता रहा है।
भारत के खिलाफ दो अर्धशतक और 217 रन
आपको बता दे कि, एशिया कप (Asia Cup) में पाकिस्तान के लिए खेले गए 7 मैचों में फरहान ने 217 रन बनाए, जिसमें भारत के खिलाफ दो अर्धशतक शामिल हैं। सुपर 4 में भारत के खिलाफ अपने अर्धशतक के बाद फरहान ने गन सेलिब्रेशन किया, जिससे भारतीय दर्शकों की भावनाओं को ठेस पहुंची। यह घटना सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गई, खासकर इस समय जब पहलगाम आतंकी हमले के कुछ ही महीने हुए थे, जिसमें 26 निर्दोष भारतीय पर्यटक मारे गए थे।
फरहान का जश्न और पाकिस्तानी मानसिकता पर सवाल
साहिबजादा फरहान के व्यवहार ने भारतीय क्रिकेट फैंस में गुस्सा और आलोचना दोनों पैदा की है। जबकि पाकिस्तान में उनके जश्न को सम्मानित किया गया, भारतीय दर्शक इसे संवेदनशीलता की कमी और खेल की मर्यादा के खिलाफ मान रहे हैं। यह प्रकरण एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मानसिकता और खेल के प्रति रवैये पर बहस खड़ी करता है।
