Sansad Ratna Awards 2026: संसद में आम जनता की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाने, नीति-निर्माण और कानून बनाने की प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। इस साल के प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार 2026’ (Sansad Ratna Awards 2026) की घोषणा कर दी गई है। इस बार देश के 12 उत्कृष्ट सांसदों और संसद की चार प्रमुख विषय-संबंधी स्थायी समितियों को उनके बेहतरीन विधायी कार्यों के लिए इस सम्मान से नवाजा जाएगा।
यह प्रतिष्ठित घोषणा चेन्नई स्थित एक गैर-सरकारी संस्था ‘प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन’ द्वारा की गई है। संस्था द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, इस साल पुरस्कार पाने वाले जनप्रतिनिधियों में भारतीय राजनीति के कई बड़े, अनुभवी और दिग्गज राजनेताओं के नाम शामिल हैं, जिन्होंने सदन की गरिमा और उत्पादकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
व्यक्तिगत श्रेणी में इन दिग्गज सांसदों को मिलेगा सम्मान
प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन के चयन पैनल के अनुसार, 18वीं लोकसभा और राज्यसभा में अपने बेहतरीन और प्रभावी प्रदर्शन के आधार पर सांसदों का चयन किया गया है। व्यक्तिगत श्रेणी में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले इन प्रमुख नेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश: सूबे के कद्दावर नेता और डुमरियागंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल को इस सूची में प्रमुख स्थान मिला है। वे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
झारखंड: गोड्डा लोकसभा सीट से बीजेपी के तेजतर्रार सांसद डॉ. निशिकांत दुबे को सदन में उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए चुना गया है।
राजस्थान: पाली संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी को उनके उत्कृष्ट विधायी कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा।
महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सुपुत्र और कल्याण लोकसभा सीट से शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है।
बजट सत्र तक शानदार प्रदर्शन के लिए अन्य विजेता सांसद
संसद के बजट सत्र की समाप्ति तक सदन के भीतर डिबेट्स (बहस) में हिस्सा लेने, निजी विधेयक (प्राइवेट मेम्बर बिल) लाने और जनहित के सवाल पूछने की विभिन्न श्रेणियों में 8 अन्य सांसदों को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है:
प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश)
विद्युत बरन महतो (झारखंड)
लुम्बाराम चौधरी (राजस्थान)
हेमंत विष्णु सवरा (महाराष्ट्र)
स्मिता उदय वाघ (महाराष्ट्र)
नरेश गणपत म्हस्के (महाराष्ट्र)
मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र)
नरहरि अमीन (गुजरात – राज्यसभा)
पुरस्कार सूची की खास बात: इस साल के संसद रत्न पुरस्कारों की सूची में शीर्ष प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेताओं का दबदबा है। विजेता सांसदों में जगदंबिका पाल और पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी जैसे पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं, जबकि गुजरात के पूर्व उप मुख्यमंत्री रहे नरहरि अमीन भी इस सूची का मुख्य हिस्सा हैं।
चार संसदीय समितियां भी होंगी पुरस्कृत
प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन ने न केवल व्यक्तिगत सांसदों के प्रदर्शन को सराहा है, बल्कि विधायी कामकाज को सुचारू और प्रभावी बनाने में रीढ़ की हड्डी मानी जाने वाली संसद की चार प्रमुख स्थायी समितियों (Parliamentary Committees) को भी उनके बेहतरीन, पारदर्शी और समयबद्ध कार्यों के लिए इस पुरस्कार के लिए चयनित किया है।
ये समितियां विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा करने, विधेयकों की बारीकी से जांच करने और सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव देने में अग्रिम भूमिका निभाती रही हैं। (संस्था द्वारा इन चारों समितियों के विस्तृत नाम और उनके विशिष्ट कार्यों की समीक्षा रिपोर्ट जल्द ही मुख्य समारोह में प्रस्तुत की जाएगी)। यह पुरस्कार समारोह आगामी दिनों में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जहाँ देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य व्यक्ति इन विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।
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