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‘स्कूल–शाला संवाद’ से पढ़ाई आसान, वीडियो लेक्चर और ई-कॉन्टेंट एक ही जगह उपलब्ध

 जयपुर डिजिटल युग में शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा विकसित शाला दर्पण पोर्टल विद्यार्थियों के लिए एक समग्र शैक्षणिक मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। विशेष रूप से पोर्टल का 'स्कूल – शाला संवाद' सेक्शन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का भंडार साबित हो रहा है, जहां कक्षा 1 से 12 तक के लिए विविध और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसमें विद्यार्थियों को न केवल अध्ययन सामग्री का भंडार मिलता है, साथ ही विषयवार वीडियो लेक्चर, एनसीईआरटी और आरबीएसई पाठ्यक्रम आधारित ई-कॉन्टेंट, विस्तृत प्रश्न बैंक, दूरदर्शन द्वारा प्रसारित शैक्षणिक

Wrriten By :

Editor

Published On :

जून 8, 2026

 जयपुर
डिजिटल युग में शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा विकसित शाला दर्पण पोर्टल विद्यार्थियों के लिए एक समग्र शैक्षणिक मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। विशेष रूप से पोर्टल का 'स्कूल – शाला संवाद' सेक्शन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का भंडार साबित हो रहा है, जहां कक्षा 1 से 12 तक के लिए विविध और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

इसमें विद्यार्थियों को न केवल अध्ययन सामग्री का भंडार मिलता है, साथ ही विषयवार वीडियो लेक्चर, एनसीईआरटी और आरबीएसई पाठ्यक्रम आधारित ई-कॉन्टेंट, विस्तृत प्रश्न बैंक, दूरदर्शन द्वारा प्रसारित शैक्षणिक कार्यक्रमों की सामग्री और ई-पत्रिकाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यह सामग्री विद्यार्थियों को कठिन विषयों को सरल तरीके से समझने में मदद करती है और परीक्षा की तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाती है। छात्र लॉगिन करके इस पठन एवं डिजिटल सामग्री को प्राप्त कर सकते हैं।

शाला दर्पण पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल पाठ्य सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होती है

 इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है 'टॉक टू टीचर'
इसके अलावा, 'टॉक टू टीचर' सुविधा विद्यार्थियों के लिए एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है। इस सुविधा के माध्यम से छात्र-छात्राएं सीधे अपने शिक्षकों से जुड़ सकते हैं और पढ़ाई से संबंधित समस्याओं, शंकाओं या कठिनाइयों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है, जो किसी कारणवश कक्षा में अपनी शंकाएं स्पष्ट नहीं कर पाते।

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए शाला दर्पण पोर्टल किसी वरदान से कम नहीं है। इंटरनेट के माध्यम से उन्हें शहरों के समान गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिल रहा है।

शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर पोर्टल को अपडेट किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को नवीनतम और प्रासंगिक सामग्री मिलती रहे। साथ ही, शिक्षकों को भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल शिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक आधुनिक और प्रभावी बन सके।

शाला दर्पण पोर्टल न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है। यह पारदर्शिता, संवाद और गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है।

राजस्थान शिक्षा विभाग का यह नवाचार शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।