Shivakumar oath Ceremony: कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने औपचारिक रूप से राज्य के 34वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक समारोह के साथ ही राज्य में सत्ता का वह हस्तांतरण पूरा हो गया है, जिसकी प्रक्रिया पिछले सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद शुरू हुई थी।
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कर्नाटक में ‘डीके’ युग का आगाज
बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में डी.के. शिवकुमार ने पद की शपथ ली। समारोह की शुरुआत में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने गुलदस्ता भेंट कर नए मुख्यमंत्री का स्वागत किया। शपथ ग्रहण से पूर्व, डी.के. शिवकुमार ने विभिन्न धर्मगुरुओं और संतों से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के कई शीर्ष पदाधिकारी और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री और नई कैबिनेट
मुख्यमंत्री के साथ ही जी. परमेश्वर ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पार्टी ने सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए मंत्रिमंडल में 13 नए मंत्रियों को भी शामिल किया है। नई कैबिनेट में अनुभवी नेताओं से लेकर युवा चेहरों को जगह दी गई है, ताकि राज्य के विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
प्रमुख चेहरे और मंत्रिमंडल की सूची
डी.के. शिवकुमार की नई कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों की सूची में यतींद्र सिद्दारमैया, यू.टी. खादर, एम.बी. पाटिल, के.जे. जॉर्ज, के.एच. मुनियप्पा, सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियंका खड़गे, ईश्वर खंड्रे, बायराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल प्रमुख हैं।
विशेष रूप से, वरिष्ठ दलित नेता के.एच. मुनियप्पा का मंत्री बनना राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 78 वर्षीय मुनियप्पा, जो पूर्व में खाद्य और आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं और कोलार लोकसभा सीट से सात बार सांसद रहने का रिकॉर्ड रखते हैं, अब देवनहल्ली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके अनुभव का लाभ नई सरकार को मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की राह
कांग्रेस हाईकमान द्वारा नेतृत्व में किए गए इस बदलाव को 2028 के आगामी चुनावों की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। डी.के. शिवकुमार के सामने अब राज्य की जनता से किए गए वादों को पूरा करने और विकास कार्यों को गति देने की बड़ी जिम्मेदारी है। राज्य की जनता और विपक्षी दलों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि डी.के. शिवकुमार का यह नया मंत्रिमंडल कर्नाटक को विकास के किस नए मुकाम पर ले जाता है।
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