Cockroach Janta Party Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी तापमान अचानक बेहद बढ़ गया है। इस बड़े आंदोलन की शुरुआत से कुछ घंटे पहले देश के प्रख्यात एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक खुलकर इस युवा राजनीतिक दल के समर्थन में सामने आ गए हैं। वांगचुक ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से ठीक पहले एक बेहद महत्वपूर्ण वीडियो संदेश जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने न केवल खुद जंतर-मंतर पहुंचकर युवाओं का हौसला बढ़ाने की बात कही, बल्कि पार्टी के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके की संभावित प्रशासनिक गिरफ्तारी को लेकर भी गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है।
अभिजीत दीपके की संभावित गिरफ्तारी की आशंका
बताते चले कि, सोनम वांगचुक ने सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए अपने वीडियो संदेश में एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान किया है। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा कि यदि शासन द्वारा किसी भी दुर्भावनावश या अनुचित कारण से अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया जाता है या उनकी गिरफ्तारी की जाती है, तो वह चुप नहीं बैठेंगे। वांगचुक ने सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में वह खुद पूरे 42 दिनों तक अनवरत अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठ जाएंगे। उनके इस आक्रामक रुख ने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है, क्योंकि वांगचुक का मानना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं की आवाज को दबाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
लद्दाख से दिल्ली का सफर और जंतर-मंतर पर जनसंवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह बात भी सामने आई है कि अभिजीत दीपके के भारत भूमि पर कदम रखने से कुछ घंटे पहले ही सोनम वांगचुक ने अपनी रणनीति देश के सामने रख दी थी। वीडियो के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आज यानी 6 जून को विशेष रूप से लद्दाख से हवाई मार्ग द्वारा देश की राजधानी दिल्ली पहुंच रहे हैं। दिल्ली आगमन के तुरंत बाद उनका सीधा गंतव्य जंतर-मंतर होगा। वहां वह प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित युवाओं, छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे और उनके इस अभियान को अपना नैतिक और वैचारिक बल प्रदान करेंगे।
उपराज्यपाल ‘चाय डिप्लोमेसी’ और सीजेपी से संपर्क की इनसाइड स्टोरी
वीडियो संदेश के सबसे दिलचस्प हिस्से में सोनम वांगचुक ने इस बात का भी खुलासा किया कि आखिर बहुत ही कम समय के भीतर उनका कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसी नई सोच के साथ इतना प्रगाढ़ और गहरा जुड़ाव कैसे स्थापित हो गया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इस अप्रत्याशित जुड़ाव का पूरा श्रेय उन्हें खुद को नहीं, बल्कि लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को जाता है।
वांगचुक ने इस दिलचस्प वाकये को साझा करते हुए बताया “दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मैंने सार्वजनिक मंच से यह राय रखी थी कि कॉकरोच जनता पार्टी दरअसल आज की युवा पीढ़ी की एक बेहद अनूठी और रचनात्मक अभिव्यक्ति है। सरकार और व्यवस्था को उनके इस संदेश की गहराई को समझने का प्रयास करना चाहिए, न कि उस संदेश को देने वाले मासूम युवाओं को निशाना बनाना चाहिए।”
उन्होंने आगे बताया कि इस बयान के आने के महज कुछ ही दिनों बाद, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उन्हें अपने यहां चाय पर आमंत्रित किया। इस मुलाकात के बाद मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनके इस समर्थन को लेकर तरह-तरह की खबरें और कयास प्रकाशित होने लगे। इन खबरों का सार्वजनिक रूप से जवाब देने और स्थिति स्पष्ट करने की पूरी प्रक्रिया के दौरान ही उनका सीधा संपर्क कॉकरोच जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और अभिजीत दीपके से हुआ, जो आज एक मजबूत वैचारिक एकजुटता के रूप में सबके सामने है।










