Sonam Wangchuk NSA Case: सोनम वांगचुक की बड़ी जीत! गृह मंत्रालय ने रद्द की NSA हिरासत, जोधपुर जेल से जल्द होंगे रिहा

सोनम वांगचुक को गृह मंत्रालय ने रद्द की NSA हिरासत, जल्द जोधपुर जेल से होंगे रिहा।

Sonam Wangchuk NSA Case

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 14, 2026

Sonam Wangchuk NSA Case: लद्दाख की सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के लिए बड़ा फैसला आया है। गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इसका मतलब है कि सोनम वांगचुक को अब तुरंत रिहा किया जाएगा और उन्हें जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है।

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गृह मंत्रालय का बयान और उद्देश्य

Sonam Wangchuk NSA Case
सोनम वांगचुक की बड़ी जीत!

गृह मंत्रालय ने इस फैसले के पीछे यह कारण बताया कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने कहा कि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत को प्रोत्साहित करना इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य है। सरकार का मानना है कि स्थानीय लोगों और एक्टिविस्टों के साथ संवाद कायम करने से क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिरता बनाए रखना आसान होगा।

सोनम वांगचुक पर लगे आरोप

सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लेह, लद्दाख में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा (छठी अनुसूची) और राज्य का दर्जा दिलाना था। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया था। इसके तहत उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जोधपुर जेल में रखा गया था। सोनम वांगचुक ने जेल में रहते हुए भी लद्दाख के पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए आंदोलन जारी रखा। उनके कार्यों ने कई लोगों को जागरूक किया और स्थानीय पर्यावरणीय मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाया।

सुप्रीम कोर्ट की भूमिका

हाल ही में इस मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह NSA के तहत हिरासत में रखने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। जस्टिस अरविंद कुमार और पी. बी. वराले की बेंच ने वांगचुक की स्वास्थ्य रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए उनके बेहतर इलाज और सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर से इस मामले में विचार करने को कहा, जिससे सरकार ने अंततः हिरासत रद्द करने का निर्णय लिया।

सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव

सोनम वांगचुक की रिहाई का फैसला न केवल उनके लिए राहत भरी खबर है, बल्कि यह लद्दाख में सक्रिय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है। यह सरकार के उस प्रयास को दर्शाता है, जिसमें वह स्थानीय समुदाय और एक्टिविस्टों के साथ संवाद और विश्वास स्थापित करना चाहती है।

विशेष रूप से पर्यावरण और संस्कृति के मुद्दों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए यह निर्णय उम्मीद की किरण बन सकता है। साथ ही यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार संवैधानिक अधिकारों और मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए अपने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा कर्तव्यों को संतुलित करने की कोशिश कर रही है।

सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द होना लद्दाख में शांति और संवाद के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय और प्रशासन के बीच विश्वास बनाने में भी मदद करेगा। इस फैसले के साथ सोनम वांगचुक अब अपने पर्यावरणीय और सांस्कृतिक अभियान को और सक्रिय रूप से आगे बढ़ा सकती हैं।

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