Sonam Wangchuk की रद्द हुई हिरासत, हटाया गया NSA केस….क्या बोलीं PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती?

केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाकर उनकी हिरासत रद्द कर दी है। इस फैसले पर PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वांगचुक जैसे पर्यावरण प्रेमी पर NSA लगाना गलत था। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि लद्दाख में शांति और संवाद का माहौल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

महबूबा मुफ्ती

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 14, 2026

Sonam Wangchuk: केंद्र सरकार द्वारा सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द किए जाने के बाद, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि,उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून नहीं लगाया जाना चाहिए था और उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में उनके योगदान को भी रेखांकित किया।महबूबा मुफ्ती ने कहा,”सोनम वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून नहीं लगाया जाना चाहिए था…उन्होंने पर्यावरण के लिए बहुत काम किया है उन्हें इतने लंबे समय तक जेल में रखना बहुत गलत था।

सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द पर गृह मंत्रालय का बयान

गृह मंत्रालय (MHA) ने शनिवार को बताया कि,यह कदम तब उठाया गया है जब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है।MHA ने कहा,सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत हो सके।मंत्रालय ने आगे कहा वांगचुक की हिरासत रद्द करने का फैसला इसी “उद्देश्य को आगे बढ़ाने और उचित विचार-विमर्श के बाद” लिया गया है।

गृह मंत्रालय की लद्दाख में नेताओं के साथ बातचीत

गृह मंत्रालय ने कहा,सरकार इस क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है।हालांकि MHA ने यह भी बताया कि,बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वभाव के लिए हानिकारक रहा है।इसने समुदाय के विभिन्न वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है जिनमें छात्र, नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार,व्यवसायी, टूर ऑपरेटर, पर्यटक और समग्र अर्थव्यवस्था शामिल हैं।

लद्दाख के लिए सुरक्षा उपाय प्रदान करने की प्रतिबद्धता

MHA ने आगे कहा, “सरकार लद्दाख के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।उसे उम्मीद है कि,इस क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का समाधान रचनात्मक बातचीत और संवाद के माध्यम से किया जाएगा जिसमें उच्च-स्तरीय समिति की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य उपयुक्त मंचों का उपयोग भी शामिल है।

10 मार्च को हुई मामले पर अंतिम सुनवाई

आपको बता दें कि,24 सितंबर, 2025 को शांतिप्रिय शहर लेह में उत्पन्न हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लेह के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक आदेश के तहत, 26 सितंबर, 2025 को सोनम वांगचुक को NSA के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया था। वांगचुक उक्त कानून के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय पहले ही पूरा कर चुके हैं। इससे पहले, 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम सुनवाई 10 मार्च के लिए तय की थी।