Sonia Gandhi: सोनिया गांधी अस्पताल से हुईं डिस्चार्ज! दिनों बाद संक्रमण से उबर कर लौटीं घर, राहुल गांधी ने बयां किया था अपना दर्द

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की सेहत में अब काफी सुधार हो चुका है। 24 मार्च 2026 को तेज बुखार और सिस्टमिक इंफेक्शन के चलते उन्हें दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, एंटीबायोटिक्स कोर्स के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 31, 2026

Sonia Gandhi: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ और शीर्ष नेता सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद राहत भरी और अच्छी खबर सामने आई है। सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, सोनिया गांधी की सेहत में अब काफी सुधार हो चुका है और वह पूरी तरह से रिकवर कर चुकी हैं। इसी के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया है। हालांकि, डॉक्टरों ने सलाह दी है कि पूरी तरह रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए घर पर ही उनका आगे का इलाज और जरूरी मेडिकल फॉलो-अप कुछ दिनों तक जारी रखा जा सकता है।

सर गंगा राम अस्पताल का हेल्थ बुलेटिन

राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगा राम अस्पताल प्रबंधन ने सोनिया गांधी के मेडिकल अपडेट और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां साझा की हैं। अस्पताल द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन में बताया गया कि बीते मंगलवार यानी 24 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजकर 22 मिनट पर सोनिया गांधी को अचानक तेज बुखार (Fever) आने की शिकायत के बाद यहां भर्ती कराया गया था। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री को एक ‘सिस्टमिक इंफेक्शन’ (गंभीर संक्रमण) था। इसके इलाज के लिए डॉ. डी. एस. राणा, डॉ. एस. नंदी और डॉ. अरूप बसु जैसे देश के शीर्ष और विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम की देखरेख में उन्हें जरूरी एंटीबायोटिक्स दिए गए, जिस पर उनके शरीर ने बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

अस्पताल के चेयरमैन का बड़ा बयान

सर गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन ने मीडिया को आश्वस्त करते हुए साफ कहा कि अब कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी बिल्कुल ठीक हो चुकी हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज इसलिए दिया गया है ताकि वह अपने घर के आरामदायक माहौल में रहकर आगे का रूटीन मेडिकल फॉलो-अप और प्रिसक्राइब किया गया इलाज पूरा कर सकें। घर पर भी नर्स और फैमिली डॉक्टर्स उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करते रहेंगे।

मां की बीमारी पर भावुक हुए राहुल गांधी

जब 24 मार्च को सोनिया गांधी को अचानक अस्पताल ले जाया गया था, तब उनके बेटे और कांग्रेस के कद्दावर नेता राहुल गांधी अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर बेहद भावुक और फिक्रमंद नजर आए थे। वह अपनी व्यस्त राजनीतिक दिनचर्या को छोड़कर तुरंत अपनी मां की तीमारदारी के लिए अस्पताल पहुंचे थे। बाद में, केरल में एक सार्वजनिक जनसभा को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुश्किल घड़ी का जिक्र किया। उन्होंने जनता से बेहद भावुक अंदाज में कहा, “मेरी मां अस्पताल में उपचाराधीन थीं। एक बेटा होने के नाते मैं उन्हें लेकर बहुत ज्यादा चिंतित और परेशान था। इसलिए मैंने दिल्ली में उनके साथ ही रुकने का फैसला किया।”

केरल की नर्सों के जज्बे को किया सलाम

अपनी रैली में राहुल गांधी ने अस्पताल के उस कमरे का एक बेहद मार्मिक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया, “मेरी मां अस्पताल के जिस कमरे में भर्ती थीं, वहां सिर्फ एक छोटा सा सोफा रखा हुआ था, जिस पर बैठकर और लेटकर मैंने पूरी रात काटी। किसी भी बेटे की तरह मैं बहुत डरा हुआ था। लेकिन पूरी रात मुझे जिस एक बात ने ढांढस बंधाया, वो थी वहां ड्यूटी पर तैनात केरल की एक नर्स।

वह हर घंटे आकर मेरी मां का हाथ थामती, उन्हें चेक करती और बड़े प्यार से मुस्कुराती। यह देखकर मुझे अहसास हुआ कि केरल की इन कर्मठ नर्सों ने न जाने देश के कितने अस्पतालों में कितनी ही माताओं-बहनों और लाचार मरीजों को इस तरह का सुकून और कंफर्ट दिया होगा। जब मैंने उससे पूछा कि क्या तुम रात में सोई नहीं? तो उसने मुस्कुरा कर कहा कि यह उसकी ड्यूटी है। जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब ये नर्सें दिल्ली और देश के हर कोने में जागकर इंसानी जिंदगी की रक्षा करती हैं।”