Sri Lanka Care Home Fire : श्रीलंका के बुजुर्ग केयर सेंटर में भीषण आग, 12 की मौत और डायरेक्टर गिरफ्तार

श्रीलंका के कालुतारा में एक अवैध बुजुर्ग केयर होम में अचानक ऐसी भीषण और भयावह आग भड़की जिसने देखते ही देखते बारह लाचार बुजुर्गों को जिंदा भून डाला। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अग्निकांड के बाद पुलिस ने वहां के डायरेक्टर को आखिरकार किस गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया? जानिए।

Sri Lanka Care Home Fire

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 5, 2026

Sri Lanka Care Home Fire : पड़ोसी देश श्रीलंका के पश्चिमी प्रांत से एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां बुजुर्गों के एक बेहद लोकप्रिय और प्रतिष्ठित केयर सेंटर में अचानक भीषण आग लगने से जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, होराना के अंगुरूवाटोटा इलाके में स्थित इस आवासीय सेंटर में बुधवार की देर शाम अचानक आग की लपटें उठीं। घनी बस्ती और सूखी निर्माण सामग्री के कारण आग ने देखते ही देखते बेहद विकराल और भयावह रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक और दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 12 असहाय बुजुर्गों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

आपदा के समय देवदूत बनी श्रीलंका आर्मी

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, जिस समय यह भयानक हादसा हुआ, उस वक्त इस बुजुर्ग केयर सेंटर के भीतर कुल 71 लोग मौजूद थे, जिनमें अधिकांश चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग थे। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर तुरंत एक व्यापक बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया गया, जिसमें श्रीलंका आर्मी के जांबाज जवानों ने अग्रिम मोर्चे पर रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेना के जवानों ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए आग की लपटों के बीच से 44 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, इस दौरान सात लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

घायलों की हालत अत्यंत नाजुक

अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झुलसे हुए सात घायलों में से छह बुजुर्गों की स्थिति बेहद गंभीर और नाजुक बनी हुई है। इन सभी का सघन इलाज होराना बेस अस्पताल (Horana Base Hospital) के आईसीयू में विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा है। इस बीच, इस भीषण अग्निकांड के बाद से अभी भी तीन लोग पूरी तरह लापता बताए जा रहे हैं। सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमें मलबे और आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि उनके बारे में सटीक जानकारी मिल सके।

सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय था ‘सेनेहासे केडेला’ सेंटर

यह बुजुर्ग केयर सेंटर, जिसे स्थानीय भाषा में ‘सेनेहासे केडेला’ के नाम से जाना जाता है, डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी एक बहुत ही खास और भावनात्मक पहचान रखता था। इस आश्रम के संचालक यहां रहने वाले बेसहारा बुजुर्गों की रोजमर्रा की खूबसूरत जिंदगी, उनके जन्मदिन के रंगारंग जश्न, आपसी हंसी-मजाक और विभिन्न त्योहारों की खुशियों के दिल छू लेने वाले वीडियो अक्सर इंटरनेट पर साझा करते थे। इन वीडियो के जरिए यहां रहने वाले कई बुजुर्ग सोशल मीडिया यूजर्स के लिए बेहद जाने-पहचाने चेहरे बन चुके थे। स्टाफ और इन बुजुर्गों के बीच के भावनात्मक और आत्मीय पलों ने बड़ी संख्या में वैश्विक दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था, यही वजह है कि इस हादसे की खबर ने इंटरनेट यूजर्स को गहरे सदमे और शोक में डाल दिया है।

प्रशासन का सख्त रुख: केयर सेंटर का डायरेक्टर गिरफ्तार

इस भीषण और विनाशकारी घटना के बाद श्रीलंका प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपना रहा है। लापरवाही के इनपुट मिलने के बाद होराना की मजिस्ट्रेट लक्ष्मीनी विदानागमागे ने खुद देर रात घटनास्थल का दौरा किया और मामले की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती जांच के आधार पर केयर सेंटर के डायरेक्टर को पुलिस ने आपराधिक लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। होराना मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपी डायरेक्टर को आगामी 11 जून तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। हालांकि, आग लगने के सटीक और तकनीकी कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और फॉरेंसिक टीम हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है।

जीवित बचे बुजुर्गों का हुआ सफल पुनर्वास

अग्निकांड की विभीषिका में बाल-बाल बचे करीब 50 बुजुर्गों को बुधवार की रात को अस्थाई तौर पर नजदीकी बटागोडा जूनियर स्कूल में ठहराया गया था, जहां उन्हें भोजन और प्राथमिक चिकित्सा दी गई। इसके बाद, श्रीलंका सेना की भारी सुरक्षा और देखरेख के बीच इन सभी सहमे हुए बुजुर्गों को गलापाथा में स्थित इस केयर सेंटर की दूसरी सर्वसुविधाजनक और सुरक्षित ब्रांच में सम्मानपूर्वक स्थानांतरित (Shift) कर दिया गया है। अंगुरूवाटोटा पुलिस इस पूरे संवेदनशील मामले की हर एंगल से गहनता से तफ्तीश कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं यह भयावह घटना किसी बड़ी सुरक्षा चूक या फायर ऑडिट की अनदेखी का परिणाम तो नहीं थी।

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