Kashmir Fire Accident : श्रीनगर के रैनावारी में लगी भीषण आग, कई घरों समेत तीन मंजिला इमारत राख

श्रीनगर के अत्यधिक आबादी वाले रैनावारी इलाके में अचानक एक ऐसी खौफनाक और भीषण आग भड़की, जिसने देखते ही देखते एक विशाल तीन मंजिला इमारत और आसपास के कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दो लोगों की जान पर क्या बनी? जानिए।

Kashmir Fire Accident

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 5, 2026

Kashmir Fire Accident :  जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के रैनावारी इलाके से एक बेहद दुखद और डरावनी खबर सामने आई है। यहां के घनी आबादी वाले कलवाल मोहल्ले में गुरुवार (4 जून 2026) की देर रात अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक अग्निकांड की चपेट में आने से कम से कम चार बड़े रिहायशी मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घटना की भयानकता को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग को सूचित किया गया, जिसके बाद राहत और बचाव दल तेजी से मौके पर पहुंचे।

तीन मंजिला इमारतों को आग ने लिया चपेट में

फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बटमालू स्थित मुख्य मुख्यालय को रात करीब 9:30 बजे रैनावारी के कलवाल मोहल्ले में आग लगने का आपातकालीन संदेश मिला था। सूचना मिलते ही नजदीकी रैनावारी फायर स्टेशन की टीम को बिना वक्त गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। जब दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे, तो आग की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि वह आसपास के घरों को अपनी चपेट में ले चुकी थी। हालात बेकाबू होते देख तुरंत अतिरिक्त दमकल गाड़ियों और कर्मचारियों की मदद मांगी गई। मौके पर एक तीन-मंजिला एल-शेप (L-shaped) की रिहायशी इमारत और एक अन्य तीन-मंजिला मकान पूरी तरह धधक रहे थे। फायर फाइटर्स ने स्थानीय पुलिस और सूझबूझ वाले नागरिकों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग को और आगे फैलने से रोका, जिससे दर्जनों अन्य संपत्तियां खाक होने से बच गईं।

लकवाग्रस्त बुजुर्ग का हुआ सफल रेस्क्यू

इस बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दमकलकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। आग की भीषण लपटों के बीच घिरे एक मकान से लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित एक बेबस बुजुर्ग व्यक्ति को दमकलकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया। हालांकि, इस बेहद जटिल बचाव कार्य और आग बुझाने के अभियान के दौरान बाबडेम्ब फायर स्टेशन का एक जांबाज फायर फाइटर और एक स्थानीय नागरिक गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल इस घनी बस्ती में आग लगने के मुख्य और सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

रियासी जिले के बटोही में नाले का जलस्तर बढ़ने से मची भारी तबाही

जम्मू संभाग के रियासी जिले से भी कुदरत के कहर की एक बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार की ही शाम रियासी के महोर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले सुदूर बटोही इलाके में अचानक पानी का भयानक और तेज बहाव (फ्लैश फ्लड) आ गया। पानी की इस विनाशकारी रफ्तार के कारण निचले इलाकों में बने करीब 7 से 9 रिहायशी घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ऊपरी पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की वजह से एक बरसाती नाले का जलस्तर अचानक अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया, जिससे कीचड़ और मलबे से भरा पानी तेज गति से रिहायशी बस्तियों में घुस गया।

ऊपरी पहाड़ियों पर बादल फटने की आशंका

बटोही गांव में अचानक आए इस सैलाब के कारण वहां के स्थानीय निवासियों में भारी दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ है। कई घरों की दीवारें ढह गई हैं और घरेलू सामान पानी में बह गया है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में संभवतः बादल फटने (Cloudburst) की घटना हुई होगी, जिसके कारण कुछ ही मिनटों में इतना भारी जलभराव और तेज बहाव देखने को मिला। दूसरी ओर, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, घटना के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

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