बासी आटा रखने से बढ़ता वास्तु दोष, जानिए घर पर पड़ने वाले प्रभाव

हिंदू धर्म में रसोई घर को बेहद पवित्र और माता अन्नपूर्णा का साक्षात निवास स्थान माना गया है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय बचाने के लिए अक्सर महिलाएं रात का बचा हुआ गूंथा आटा फ्रिज में स्टोर कर देती हैं या फिर अगले दिन के लिए पहले से ही आटा गूंथकर रख लेती हैं. हालांकि, यह आदत समय तो बचा सकती है, लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के नियमों के लिहाज से इसे बेहद अशुभ माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, रसोई में रखा बासी आटा न सिर्फ परिवार की सुख-शांति और सेहत को निगल जाता है, बल्कि

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Published On :

जुलाई 13, 2026

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हिंदू धर्म में रसोई घर को बेहद पवित्र और माता अन्नपूर्णा का साक्षात निवास स्थान माना गया है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय बचाने के लिए अक्सर महिलाएं रात का बचा हुआ गूंथा आटा फ्रिज में स्टोर कर देती हैं या फिर अगले दिन के लिए पहले से ही आटा गूंथकर रख लेती हैं. हालांकि, यह आदत समय तो बचा सकती है, लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के नियमों के लिहाज से इसे बेहद अशुभ माना गया है.

शास्त्रों के अनुसार, रसोई में रखा बासी आटा न सिर्फ परिवार की सुख-शांति और सेहत को निगल जाता है, बल्कि यह घर में गंभीर वास्तु दोष भी पैदा करता है. अगर आपके घर में भी नियमित रूप से बासी आटे की रोटियां बन रही हैं, तो अनजाने में आप खुद ही कंगाली और तंगहाली को न्योता दे रहे हैं.

नकारात्मक ऊर्जा और राहु-केतु का प्रभाव
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब आटे को गूंथकर लंबे समय तक रख दिया जाता है, तो वह पिंड का रूप ले लेता है. हिंदू धर्म में पिंड का संबंध मृत पूर्वजों से होता है. ऐसा माना जाता है कि फ्रिज या रसोई में रखा हुआ यह आटा घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को आकर्षित करता है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, बासी आटे का संबंध राहु और केतु से माना जाता है. इससे घर में मानसिक तनाव और अचानक आने वाली परेशानियां बढ़ सकती हैं.

मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा की नाराजगी
रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है. वास्तु के अनुसार, रसोई में बासी भोजन या पुराना गूंथा आटा रखने से मां लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा रुष्ट होती हैं. इससे घर में दरिद्रता आ सकती है और बरकत रुक जाती है.

घर में क्लेश और मानसिक तनाव
ऐसा माना जाता है कि बासी आटे की बनी रोटियां खाने से परिवार के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आता है. इसके कारण, परिवार के सदस्यों के बीच बिना बात के वाद-विवाद और क्लेश बढ़ता है. घर के मुखिया या कमाने वाले सदस्य का मन अशांत रहता है, जिससे कार्यक्षेत्र पर भी असर पड़ता है.

वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वास्तु के साथ-साथ विज्ञान भी बासी गूंथे आटे के इस्तेमाल को गलत मानता है. आटे में बहुत जल्दी फर्मेंटेशन शुरू हो जाता है, जिससे उसमें हानिकारक बैक्टीरिया और कवक पनपने लगते हैं. फ्रिज में रखने के बाद भी इसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. इसकी रोटियां खाने से गैस, एसिडिटी और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियां हो सकती हैं, जिसका सीधा असर हमारी जीवनशैली पर पड़ता है.

वास्तु दोष से बचने के उपाय
जरूरत भर ही आटा गूंथें
कोशिश करें कि रसोई में उतना ही आटा गूंथा जाए जितनी जरूरत हो.

गाय को खिलाएं
अगर थोड़ा आटा बच भी गया है, तो उसकी छोटी लोई बनाकर उस पर हल्का सा घी या चीनी लगाकर पहली रोटी गाय के लिए बना दें.

फ्रिज में न छोड़ें
रात के बचे आटे को सुबह के लिए फ्रिज में स्टोर करने की आदत से बचें.

अपनाए ये नियम
यदि कभी मजबूरी में आटा रखना भी पड़े, तो उस पर अपनी उंगलियों से निशान बना दें, ताकि वह गोल पिंड का आकार न ले. हालांकि, वास्तु के लिहाज से इसे पूरी तरह अवॉइड करना ही सबसे बेहतर है.