Su-57 Algeria deal: रूस से Su-57 फाइटर जेट खरीदेगा अल्जीरिया, अमेरिका भड़का, दी प्रतिबंधों की ‘काट्सा’ चेतावनी!

अल्जीरिया ने रूस से पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट खरीदने की पुष्टि कर दी है, जिससे वह इस घातक विमान का पहला विदेशी ग्राहक बन गया है। हालांकि, इस सौदे ने अमेरिका को आगबबूला कर दिया है। क्या अल्जीरिया भी तुर्की की तरह अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेलेगा? जानिए वाशिंगटन की इस चेतावनी के पीछे का असली खेल।

Su-57 Algeria Deal

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 5, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Su-57 Algeria deal:  रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान, Su-57 ‘फेलॉन’ को लेकर अल्जीरिया और मॉस्को के बीच बढ़ती नजदीकियों ने अमेरिका की नींद उड़ा दी है। वॉशिंगटन ने इस संभावित रक्षा सौदे पर अपनी सख्त नाराजगी जाहिर की है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि यह डील पूरी होती है, तो वह अफ्रीका के सबसे बड़े देश, अल्जीरिया के खिलाफ कड़े आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंध लगा सकता है। यह कार्रवाई ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन्स एक्ट’ (CAATSA) के प्रावधानों के तहत की जा सकती है, जो रूस से बड़े सैन्य उपकरण खरीदने वाले देशों को लक्षित करता है।

अमेरिकी विदेश विभाग का कड़ा रुख: सीनेट कमेटी में रॉबर्ट पैलाडिनो का बयान

अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ ईस्टर्न अफेयर्स के प्रमुख रॉबर्ट पैलाडिनो ने सीनेट कमेटी के समक्ष सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रूस से उन्नत सैन्य तकनीक हासिल करने की अल्जीरिया की कोशिशें अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय हैं। पैलाडिनो के अनुसार, हालांकि अमेरिका और अल्जीरिया आतंकवाद विरोधी अभियानों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर एक साथ काम कर रहे हैं, लेकिन रूसी हथियारों की खरीद ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ी दरार पैदा कर दी है।

कूटनीति बनाम प्रतिबंध: अमेरिका की अंतिम चेतावनी

रॉबर्ट पैलाडिनो ने सुनवाई में जोर देकर कहा कि वर्तमान में अमेरिका अल्जीरिया को समझाने के लिए कूटनीतिक चैनलों का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य बातचीत के माध्यम से इस सौदे को रोकना है। लेकिन, यदि अल्जीरिया अपने फैसले पर अडिग रहता है, तो अमेरिका CAATSA के तहत प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेगा।” यह कानून विशेष रूप से रूसी रक्षा निर्यात को कमजोर करने और रूस के राजस्व स्रोतों को सुखाने के लिए बनाया गया है, जो अब अल्जीरिया के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकता है।

अल्जीरिया बना Su-57 का पहला विदेशी ग्राहक: प्रशिक्षण हुआ शुरू

अल्जीरिया ने पिछले वर्ष रूस के सबसे आधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट Su-57 की खरीद की औपचारिक पुष्टि की थी, जिससे वह इस विमान का पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक बन गया। रूस की योजना इस साल के अंत तक विमानों की पहली खेप अल्जीरिया को सौंपने की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्जीरियाई वायुसेना के पायलट और तकनीकी कर्मचारी वर्तमान में रूस में इस अत्याधुनिक विमान का गहन प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह सौदा अल्जीरिया की वायु शक्ति को महाद्वीप में बेजोड़ बना सकता है, जो पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को चुनौती दे सकता है।

Su-57 ‘फेलॉन’ की मारक क्षमता: वैश्विक बाजार में नई चुनौती

सुखोई डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित Su-57 एक पांचवीं पीढ़ी का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। इसकी पहली उड़ान 2010 में हुई थी और 2020 में इसे रूसी वायुसेना में विधिवत शामिल किया गया। ‘फेलॉन’ के नाम से मशहूर यह जेट अपनी स्टेल्थ तकनीक, सुपर-सोनिक क्रूज गति और उन्नत एविओनिक्स के लिए जाना जाता है। वैश्विक बाजार में यह अमेरिका के F-35, फ्रांस के राफेल और चीन के J-20 जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहा है। इसकी कम लागत और उच्च मारक क्षमता इसे विकासशील देशों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है।

भारत के लिए कूटनीतिक धर्मसंकट: क्या नई दिल्ली उठाएगी यह जोखिम?

अल्जीरिया के प्रति अमेरिका का यह सख्त रवैया भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी है। भारतीय वायुसेना (IAF) भी अपनी घटती स्क्वाड्रन संख्या को पूरा करने के लिए आधुनिक विमानों की तलाश में है, जिसमें Su-57 एक संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि, भारत के लिए यह निर्णय लेना कांटों भरी राह पर चलने जैसा होगा। एक तरफ रूस के साथ दशकों पुराना अटूट रक्षा संबंध है, तो दूसरी तरफ अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी और ड्रोन/इंजन सौदे हैं। यदि भारत Su-57 की ओर बढ़ता है, तो उसे भी अल्जीरिया की तरह वॉशिंगटन की नाराजगी और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

Read More: Arijit Singh: अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट पर आवेज दरबार का मजेदार अंदाज, फैंस ने क्या कहा?

2