Trump vs Petro: ट्रंप की धमकी पर कोलंबियाई राष्ट्रपति का जवाब- ‘जगुआर को मत जगाओ, देश के लिए फिर उठा लूंगा हथियार!’

वेनेजुएला में तख्तापलट के बाद क्या अब कोलंबिया की बारी है? डोनाल्ड ट्रंप की "बीमार देश" वाली टिप्पणी और सैन्य कार्रवाई के संकेत ने दक्षिण अमेरिका में युद्ध की आहट पैदा कर दी है। आखिर राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने क्यों कहा कि वे फिर से हथियार उठा सकते हैं? क्या 'जगुआर' की यह चेतावनी ट्रंप को भारी पड़ेगी? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Trump vs Petro

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 6, 2026

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Trump vs Petro: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद दक्षिण अमेरिका में राजनीतिक भूचाल आ गया है। अमेरिकी सेना के इस औचक एक्शन के बाद नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर और कड़े हो गए हैं। ट्रंप ने अब कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को सीधी चेतावनी दी है कि उनका हश्र भी मादुरो जैसा हो सकता है। ट्रंप के इस बयान ने लैटिन अमेरिका में सैन्य हस्तक्षेप की आशंकाओं को और प्रबल कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारी तनाव पैदा हो गया है।

Trump vs Petro: “मातृभूमि के लिए उठाऊंगा हथियार”: गुस्तावो पेट्रो का संकल्प

अमेरिकी धमकियों का सामना करते हुए कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका के दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। पेट्रो ने कहा, “मैंने भविष्य में कभी हथियार न उठाने की कसम खाई थी, लेकिन अगर मातृभूमि की संप्रभुता पर आंच आई, तो मैं फिर से हथियार उठाने के लिए तैयार हूँ।” उन्होंने ट्रंप को चुनौती देते हुए यहाँ तक कह दिया कि वे अमेरिका पर ‘जगुआर’ (कोलंबियाई जंगलों का खतरनाक शिकारी जीव) छोड़ देंगे।

Trump vs Petro: ट्रंप का गंभीर आरोप: “कोकीन बेच रहे हैं पेट्रो”

डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए राष्ट्रपति पेट्रो को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया है। ट्रंप ने एक सार्वजनिक बयान में कहा, “कोलंबिया इस समय बहुत बीमार है और वहां एक बीमार आदमी ही सरकार चला रहा है।” ट्रंप ने पेट्रो पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कोकीन बनाना और उसे अमेरिका में बेचना पसंद है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अब इस गतिविधि को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगा और जल्द ही कोलंबिया के शासन तंत्र पर कड़ा प्रहार किया जाएगा।

सुरक्षा परिषद की आपात बैठक की मांग

वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अमेरिकी मिसाइल हमलों के बाद कोलंबिया ने पूरी दुनिया को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के लिए कहा है। पेट्रो ने अंतरराष्ट्रीय मंचों, जैसे OAS (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स) और संयुक्त राष्ट्र (UN) से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। कोलंबिया वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य है, इसलिए पेट्रो ने परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की है ताकि वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी हमले की अंतरराष्ट्रीय वैधता की जांच की जा सके।

कोलंबियाई राष्ट्रपति पर अमेरिकी प्रतिबंधों की गाज

बता दें कि अमेरिका और कोलंबिया के रिश्तों में खटास कोई नई नहीं है। अक्टूबर 2025 में ही ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, पेट्रो ने अपने देश में ड्रग कार्टेल को फलने-फूलने की खुली छूट दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, पेट्रो सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने से इनकार कर दिया है, जो सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। इन्ही आरोपों के चलते दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध पूरी तरह टूट चुके हैं।

वेनेजुएला में सफल ‘रेजीम चेंज’ ऑपरेशन के बाद अमेरिका का अगला कदम कोलंबिया की ओर बढ़ता दिख रहा है। ट्रंप की हालिया धमकियों और पेट्रो के ‘गुरिल्ला युद्ध’ वाले तेवरों ने इस क्षेत्र को बारूद के ढेर पर बैठा दिया है। यदि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत सफल नहीं होती, तो दक्षिण अमेरिका में एक बड़ा क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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