UNSC Report: लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा, UNSC ने माना- हमले के पीछे था जैश-ए-मोहम्मद का हाथ

संयुक्त राष्ट्र की 37वीं प्रतिबंध निगरानी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। रिपोर्ट में मसूद अजहर की नई महिला विंग 'जमात-उल-मुमिनात' का भी जिक्र है। क्या यह भारत के खिलाफ बड़ी साजिश है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 12, 2026

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UNSC Report: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध समिति की ताजा रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचा दिया है। इस रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का सीधा संबंध दिल्ली के लाल किले पर हुए भीषण हमले से जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 9 नवंबर को हुए इस आतंकी कृत्य की साजिश और क्रियान्वयन में जैश की सक्रिय भूमिका के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। यह रिपोर्ट पाकिस्तान के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका मानी जा रही है, क्योंकि इसमें साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद न केवल सक्रिय है, बल्कि भारत के खिलाफ बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दे रहा है।

समिति ने खारिज किया निष्क्रियता का दावा: जैश अब भी है बड़ा खतरा

वैश्विक स्तर पर आतंकवादियों और संगठनों पर नकेल कसने वाली 1267 समिति ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि जैश-ए-मोहम्मद अब निष्क्रिय हो चुका है। कुछ सदस्य देशों के इन दावों के विपरीत, समिति ने उपलब्ध खुफिया तथ्यों और मैदानी रिपोर्टों के आधार पर स्पष्ट किया कि संगठन का ढांचा अभी भी बरकरार है और वह अपनी गतिविधियों को गुप्त रूप से संचालित कर रहा है। UNSC की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के उस पक्ष को मजबूती देती है, जिसमें भारत लगातार पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाता रहा है।

मसूद अजहर की नई साजिश: महिलाओं के लिए बनाई ‘जमात-उल-मोमिनात’ विंग

रिपोर्ट में प्रतिबंधित आतंकी मसूद अजहर के बारे में एक चिंताजनक और नई जानकारी साझा की गई है। 8 अक्टूबर को मसूद अजहर ने ‘जमात-उल-मोमिनात’ नामक एक नई महिला इकाई के गठन की घोषणा की। इस विंग का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों में रसद और अन्य सहयोग प्रदान करना बताया गया है। मसूद अजहर पहले से ही संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल है, जिस पर संपत्ति फ्रीज करने, अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध और हथियारों की आपूर्ति रोकने जैसे कड़े प्रतिबंध लागू हैं। नई विंग का गठन यह दर्शाता है कि आतंकी संगठन अब नए और खतरनाक स्वरूप में विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं।

लाल किला मेट्रो स्टेशन ब्लास्ट: ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकवाद का खतरनाक चेहरा

10 नवंबर की शाम को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास एक भयावह मंजर देखने को मिला था। एक धीमी गति से चल रही हुंडई i20 कार में अचानक हुए विस्फोट ने 15 बेगुनाह लोगों की जान ले ली थी। सुरक्षा एजेंसियों की गहन जांच और डीएनए (DNA) टेस्ट से यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि कार को ‘डॉ. उमर’ नामक व्यक्ति चला रहा था। यह घटनाक्रम आधुनिक आतंकवाद के उस ‘व्हाइट-कॉलर’ नेटवर्क को उजागर करता है, जहाँ उच्च शिक्षित पेशेवर भी कट्टरपंथ का शिकार होकर इस तरह की बर्बर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

पाकिस्तान पर बढ़ता वैश्विक दबाव: जवाबदेही तय करने की मांग तेज

UNSC की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में आतंकवाद के वित्तपोषण और पनाहगाहों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। जैश-ए-मोहम्मद की सक्रियता का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड पर आना पाकिस्तान की मुश्किलों को बढ़ा सकता है। भारत लंबे समय से यह कहता आया है कि पाकिस्तान अपनी धरती का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों के लिए होने दे रहा है। 1267 समिति की ये टिप्पणियां न केवल पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाएंगी, बल्कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आधार भी बन सकती हैं।

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