UP News: यूपी में हीट वेव को लेकर सख्त हुए योगी आदित्यनाथ; अस्पतालों को विशेष वार्ड बनाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में बढ़ते तापमान और भीषण हीट वेव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाई-लेवल बैठक कर कड़े निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने को कहा है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी। जनता से भी दोपहर में बाहर न निकलने की अपील की गई है।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 28, 2026

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UP News: उत्तर प्रदेश में चिलचिलाती धूप, बढ़ते तापमान और जानलेवा हीट वेव (लू) की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अमले के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक की। राज्य में बढ़ते पारे से आम जनजीवन को राहत देने के लिए सीएम योगी ने अधिकारियों को सीधे और कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लफ़्ज़ों में कहा है कि इस संकट की घड़ी में जनता की सुरक्षा और देखभाल राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी स्तर पर प्रशासनिक कोताही या ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs), स्वास्थ्य महकमे, ऊर्जा विभाग और राहत आपदा एजेंसियों को तत्काल प्रभाव से ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का हुक्म दिया है।

CM योगी की सख्त हिदायत

बताते चले कि, उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्वयं धरातल पर उतरकर स्थिति की निगरानी (मॉनिटरिंग) करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखना, जनता के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति (बिना ट्रिपिंग के पावर सप्लाई) करना इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है। सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रदेश के किसी भी कोने से अघोषित बिजली कटौती या पानी के संकट की शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित विभाग के शीर्ष अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी अस्पतालों को निर्देश

आपको बता दे कि, भीषण गर्मी के कारण बढ़ रहे मौसमी बीमारियों और लू के खतरों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग को विशेष इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित होने वाले मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार रखे जाएं। इसके साथ ही, अस्पतालों में ओआरएस (ORS) घोल, जरूरी जीवन रक्षक दवाएं, ड्रिप और कूलिंग उपकरणों (एसी/कूलर) की पर्याप्त व्यवस्था हर समय सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।

श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष गाइडलाइन

इस जानलेवा धूप में अपने पेट की आग बुझाने के लिए बाहर काम करने वाले मजदूरों और कामगारों के प्रति मुख्यमंत्री ने विशेष संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने श्रम और संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में मजदूरी करने वाले श्रमिकों को थकावट, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और हीट वेव के प्रकोप से बचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी निर्माण स्थलों और कार्यस्थलों पर श्रमिकों के आराम करने के लिए छायादार स्थानों (शेड) की व्यवस्था की जाए और उनके लिए ठंडे एवं स्वच्छ पेयजल का समुचित प्रबंध अनिवार्य रूप से कराया जाए।

आम जनता से मुख्यमंत्री की सीधी अपील

प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता तैयारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हुए सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे इस प्रचंड गर्मी में पूरी सावधानी बरतें। सीएम ने विशेष रूप से घर के बुजुर्गों और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखने की बात कही, क्योंकि इस मौसम में वे सबसे पहले बीमारी की चपेट में आते हैं। उन्होंने आम नागरिकों को सलाह दी कि बहुत जरूरी न होने पर दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से परहेज करें, और यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सूती या खादी के हल्के, सफेद और ढीले-ढाले कपड़े पहनकर ही निकलें।

गर्मियों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर चिंता

गर्मी के इस शुष्क मौसम में खेतों, घरों और फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाओं में होने वाली अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक और अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। उन्होंने सूबे की जनता और आपदा प्रबंधन विभाग से अनुरोध किया है कि वे आगजनी के खतरों को लेकर बेहद सतर्क रहें। सीएम योगी ने कहा कि रसोई गैस, बिजली के शॉर्ट सर्किट और खेतों में सूखी फसलों के आसपास किसी भी प्रकार की ऐसी लापरवाही न करें जिससे आग लगने की घटना उत्पन्न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी बड़े हादसों और जान-माल के नुकसान को रोकने में सक्षम है। मुख्यमंत्री के इन कड़े निर्देशों के बाद पूरे उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक अमला जमीन पर पूरी तरह एक्टिव हो गया है।

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