UP Police Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक एवं समकक्ष पदों के लिए सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का आयोजन 8, 9 और 10 जून को किया जा रहा है। कानपुर नगर के 54 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी, जिसमें कुल 1 लाख 17 हजार अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। परीक्षा के आयोजन को लेकर कानपुर कमिश्नरेट पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों, डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों के साथ राजेन्द्र स्वरूप ऑडिटोरियम में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
नकल माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति
बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने परीक्षा की शुचिता को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी चेकिंग (फ्रिस्किंग) सुनिश्चित करने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे पूरी निष्ठा और हाई-अलर्ट पर रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि अभ्यर्थियों को केंद्र तक पहुँचने और परीक्षा देने में कोई असुविधा न हो।
सादे कपड़ों में तैनात रहेगी पुलिस टीम
बताते चले कि, निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानपुर पुलिस ने एक विशेष सुरक्षा रणनीति तैयार की है। कानपुर कमिश्नरेट में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जिसके तहत 54 केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस और लोकल पुलिस की टीमें सादे कपड़ों में भी मुस्तैद रहेंगी। यह कदम नकल और अनुचित साधनों के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे परीक्षा पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
प्रशासनिक सख्ती और तैयारियों का निरीक्षण
परीक्षा की तैयारियों को जमीनी स्तर पर परखने के लिए कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रृद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने अकबरपुर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा हॉल, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से जायजा लिया। प्रशासन और पुलिस की यह संयुक्त सक्रियता दिखाती है कि सरकार परीक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती और पूरी प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।










