UP Election 2027: अखिलेश यादव का 2027 मिशन शुरू, 28 मार्च को नोएडा में PDA रैली

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत नोएडा से करने जा रहे हैं। इस मौके पर सपा पीडीए भागीदारी के नाम से बड़ी रैली आयोजित करेगी, जिसके जरिए पार्टी पश्चिमी यूपी में अपने वोटबैंक को मजबूत करने का संदेश देगी।

UP Election 2027

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 7, 2026

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज़ करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने चुनाव प्रचार अभियान का आगाज़ करने का फैसला किया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 28 मार्च 2026 को नोएडा से चुनावी कैंपेन की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर पार्टी PDA भागीदारी रैली आयोजित करेगी, जिसमें आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति और टिकट वितरण का फॉर्मूला भी घोषित किया जा सकता है।

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नोएडा से शुरुआत क्यों?

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अखिलेश यादव का 2027 मिशन शुरू

2022 के विधानसभा चुनाव में गौतमबुद्धनगर जिले की सभी सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी और सपा को एक भी सीट नहीं मिली थी। ऐसे में पार्टी ने इस बार उन सीटों पर खास ध्यान देने का फैसला किया है, जहां उसका प्रदर्शन कमजोर रहा। अखिलेश यादव ने इन्हीं सीटों से प्रचार अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है ताकि 2027 में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें।

रैली की तैयारियां

सपा ने इस रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। मार्च के पहले हफ्ते में दादरी में एक गुर्जर सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें 142 विधानसभाओं से लोग शामिल होंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि इस सम्मेलन और रैली के ज़रिए पश्चिमी यूपी में अपना जनाधार मजबूत किया जाए।

PDA वोटबैंक पर फोकस

पश्चिमी यूपी में यादव वोटरों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। यहां गुर्जर, मुस्लिम और दलित वोट बैंक मजबूत स्थिति में हैं। सपा की कोशिश है कि इन समुदायों को एकजुट कर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के तहत बड़ा वोटबैंक तैयार किया जाए।

गुर्जर समाज: भाजपा सरकार से नाराज़ बताया जा रहा है क्योंकि उन्हें लगता है कि आबादी के हिसाब से पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला।

मुस्लिम वोटर: पहले से ही सपा के समर्थक माने जाते हैं।

दलित वोटर: सपा इस वर्ग को भी PDA रणनीति में शामिल कर रही है।

लोकसभा चुनाव से मिला संकेत

सपा को हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में PDA फॉर्मूले से फायदा मिला था। इसी रणनीति को विधानसभा चुनाव में भी लागू करने की योजना है। पार्टी का मानना है कि अगर गुर्जर, मुस्लिम और दलित वोटरों को एकजुट किया जाए तो पश्चिमी यूपी में मजबूत पकड़ बनाई जा सकती है।

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