UP Teacher Scam: 4 करोड़ शिक्षक एरियर घोटाला, लखनऊ-अयोध्या समेत CBI की बड़ी रेड

उत्तर प्रदेश में शिक्षक एरियर भुगतान से जुड़े कथित 4 करोड़ रुपये के घोटाले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। CBI ने लखनऊ, अयोध्या समेत कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। आखिर इस घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है, किन अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में है और आगे क्या कार्रवाई होगी?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 18, 2026

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UP Teacher Scam : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने राज्य के लखनऊ, अयोध्या, कुशीनगर, प्रतापगढ़ और अमेठी समेत कुल 14 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह व्यापक छापेमारी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के एरियर भुगतान से जुड़ी लगभग 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन के मामले में की गई है। इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसमें विभाग के भीतर के ही कुछ लोगों के शामिल होने के ठोस संकेत मिल रहे हैं।

हाई कोर्ट के आदेश पर CBI ने शुरू की जांच

यह पूरा मामला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों और अन्य लाभार्थियों के एरियर के भुगतान में बरती गई भारी अनियमितताओं से जुड़ा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस घोटाले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। अदालत के निर्देशानुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ने अब इस मामले को पूरी तरह से अपने हाथ में ले लिया है। CBI द्वारा इस संबंध में दर्ज की गई FIR में अब तक पांच लोगों को नामजद किया गया है, और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

कैसे रची गई 4 करोड़ की धोखाधड़ी की साजिश?

CBI की प्रारंभिक जांच के अनुसार, घोटाले का मुख्य आरोपी बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात एक जूनियर अकाउंट्स क्लर्क था। इस क्लर्क ने अन्य आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची। इस साजिश के तहत शिक्षकों और लाभार्थियों के हक के लगभग 4 करोड़ रुपये, जो सरकारी खजाने से एरियर के रूप में जारी होने थे, उन्हें चालाकी से डाइवर्ट कर दिया गया। इन सरकारी पैसों को अलग-अलग निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करके हड़प लिया गया। अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में ही यह अनियमितता सामने आई थी, जिसके बाद मामला पुलिस से होता हुआ अब CBI तक पहुंचा है।

छापेमारी में मिले अहम सुराग, फॉरेंसिक जांच की तैयारी

बुधवार को राज्यभर में चली इस सघन छापेमारी के दौरान CBI की टीमों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने में सफलता मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान गबन की गई रकम के निवेश और उसके इस्तेमाल से जुड़े आपत्तिजनक साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा, छापेमारी में कई डिजिटल डिवाइस और गैजेट्स भी जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी, जिससे इस घोटाले के पीछे के अन्य चेहरों और पैसों के लेनदेन का पूरा नेटवर्क सामने आने की प्रबल संभावना है।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी

यह घोटाला न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का मामला है, बल्कि उन शिक्षकों के साथ भी अन्याय है जो लंबे समय से अपने एरियर का इंतजार कर रहे थे। CBI की इस छापेमारी का उद्देश्य घोटाले की तह तक जाकर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को बेनकाब करना है। जिन भी लोगों ने सरकारी धन का गबन किया है, उन पर कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है। इस मामले में CBI द्वारा की जा रही जांच अब उन सभी अधिकारियों के लिए चेतावनी है, जो शिक्षा विभाग की आड़ में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे देखने को मिल सकते हैं।

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