US-Iran Tensions: 20 चेतावनियों के बाद भी नहीं रुका जहाज, अमेरिकी सेना ने किया मिसाइल हमला

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान की ओर बढ़ रहे 'लियान स्टार' नामक मालवाहक जहाज पर हेलफायर मिसाइल से हमला किया है।

US-Iran Tensions

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 31, 2026

US-Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक बड़ी सैन्य घटना सामने आई है। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज “लियान स्टार” पर हेलफायर मिसाइल से हमला किया। यह कार्रवाई तब की गई जब जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों को दरकिनार कर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़कर ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ने का दुस्साहस किया।

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20 चेतावनियों के बाद मिसाइल हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, गांबिया के झंडे वाला यह जहाज ओमान की खाड़ी से गुजर रहा था। हालांकि जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था, लेकिन अमेरिकी सेना द्वारा लागू नाकेबंदी का उल्लंघन करना उसे भारी पड़ा। सेंटकॉम का दावा है कि रात भर में जहाज को रेडियो और अन्य माध्यमों से 20 से अधिक बार रुकने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन जहाज के चालक दल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

अंततः, अपनी नाकेबंदी को प्रभावी बनाने के लिए अमेरिकी सेना ने हेलफायर मिसाइल का उपयोग किया। मिसाइल ने जहाज के इंजन रूम को सटीक निशाना बनाया, जिससे जहाज की गति पूरी तरह ठप हो गई। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में यह जहाज ओमान की खाड़ी में लावारिस स्थिति में तैर रहा है और अमेरिकी बलों ने अभी तक उस पर चढ़कर कोई बोर्डिंग कार्रवाई नहीं की है।

नाकेबंदी और होर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद

यह सैन्य कार्रवाई अप्रैल में शुरू की गई उस अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का हिस्सा है, जिसे ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के आवाजाही मार्ग को बाधित करने के जवाब में लागू किया गया था। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद से इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और यातायात को लेकर भारी तनाव है। सेंटकॉम के आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस नाकेबंदी के दौरान 116 से अधिक जहाजों को अपना मार्ग बदलने के लिए मजबूर किया गया है, और ‘लियान स्टार’ छठा ऐसा जहाज है जिसे रोकने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा है।

संघर्षविराम और कूटनीतिक भविष्य पर अनिश्चितता

इस सैन्य हमले ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक संघर्षविराम पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हालांकि अप्रैल से संघर्षविराम काफी हद तक प्रभावी है, लेकिन इसका भविष्य अब अधर में लटका है। दोनों देशों के बीच संघर्षविराम को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने पर बातचीत चल रही है, ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता जारी रह सके।

शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सलाहकारों के साथ स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक की। ईरान ने अभी तक किसी अंतिम समझौते पर सहमति से इनकार किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ एक बार फिर पूर्ण पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह घटना दर्शाती है कि मध्य-पूर्व में तनाव का स्तर कितना अधिक है और एक छोटी सी सैन्य चूक बड़े संघर्ष का रूप ले सकती है। आने वाले दिन क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।

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