US-Venezuela Crisis: अमेरिकी सेना का ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’, मादुरो की गिरफ्तारी के बाद तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के तहत अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में धावा बोलकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। नार्को-आतंकवाद के आरोपों के बीच मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया है। क्या यह लैटिन अमेरिका में नए युद्ध की शुरुआत है?

US-Venezuela Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 24, 2026

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US-Venezuela Crisis: वाशिंगटन से सामने आई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी के आरोप में एक जहाज पर घातक सैन्य हमला किया है। यह कार्रवाई वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हालिया गिरफ्तारी के बाद की गई पहली घातक सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। यूएस साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि संबंधित जहाज कथित तौर पर “नारको-ट्रैफिकिंग ऑपरेशंस” में संलिप्त था।

हमले में दो की मौत, एक व्यक्ति बचाया गया

अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति को जीवित बचा लिया गया। सेना ने तुरंत अमेरिकी कोस्ट गार्ड को सूचना दी, जिसके बाद उस व्यक्ति की खोज और बचाव अभियान चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, बचाए गए व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा सहायता प्रदान की गई है।

वीडियो में दिखा आग की लपटों में घिरा जहाज

यूएस साउदर्न कमांड द्वारा साझा किए गए वीडियो में एक जहाज को समुद्र में चलते हुए देखा जा सकता है। कुछ ही पलों बाद जोरदार विस्फोट होता है और जहाज आग की लपटों में घिर जाता है। यह दृश्य अमेरिकी सेना की सख्त सैन्य रणनीति और ड्रग तस्करी के खिलाफ अपनाए जा रहे आक्रामक रुख को दर्शाता है।

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई कार्रवाई

ट्रंप प्रशासन ने जनवरी की शुरुआत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए एक बड़े और साहसिक अभियान की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन के तहत मादुरो को न्यूयॉर्क लाकर उन पर संघीय ड्रग तस्करी के आरोप लगाए गए। इसके बाद से अमेरिकी सेना का फोकस वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधित तेल टैंकरों और कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क पर केंद्रित हो गया है।

सितंबर से अब तक 36 हमले, 117 मौतें

ताजा सैन्य कार्रवाई के साथ, सितंबर की शुरुआत से अब तक दक्षिण अमेरिकी जलक्षेत्र में कथित ड्रग तस्करी से जुड़ी नावों पर कुल 36 हमले किए जा चुके हैं। इन अभियानों में कम से कम 117 लोगों की मौत होने की खबर है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन ऑपरेशनों का उद्देश्य ड्रग सप्लाई चेन को जड़ से तोड़ना है।

कैरेबियन सागर बना मुख्य संघर्ष क्षेत्र

इन हमलों में से अधिकांश कैरेबियन सागर में हुए हैं। पिछला रिपोर्टेड हमला दिसंबर के अंत में हुआ था, जब अमेरिकी सेना ने दो दिनों के भीतर पांच कथित ड्रग-स्मगलिंग नावों को निशाना बनाया। उस कार्रवाई में आठ लोगों की मौत हुई थी, जबकि कुछ संदिग्ध समुद्र में कूद गए थे। बाद में कोस्ट गार्ड ने खोज अभियान को निलंबित कर दिया था।

ट्रंप के निर्देश पर ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि इन सैन्य अभियानों से कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत में ड्रग तस्करी के मार्ग लगभग पूरी तरह बाधित हो चुके हैं। दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान ट्रंप ने कहा कि समुद्री रास्तों से आने वाली लगभग 100 प्रतिशत ड्रग्स को रोका गया है। यह पूरी रणनीति ट्रंप प्रशासन की वेनेजुएला नीति और “ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर” का हिस्सा मानी जा रही है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना भी हो रही है।